टीकमगढ़ जिले की दिगौड़ा थाना पुलिस ने एक अधेड़ का हाथ काटने के आरोप में फरार चल रहे तीन आरोपियों को शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी 29 सितंबर को हुई घटना के बाद से फरार थे। पुलिस ने इन्हें बछोड़ा के जंगल से पकड़ा है। थाना प्रभारी मनीष मिश्रा ने बताया कि 29 सितंबर को ग्राम बैदऊ निवासी लालू उर्फ हरनाम घोष (19) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुरानी रंजिश के चलते गांव के ही कुछ लोगों ने उनके पिता तिलक सिंह घोष पर जानलेवा हमला किया था। ये भी थे हमले में शामिल हमले में मनीष सिंह घोष, श्रीपत उर्फ सिरपत घोष, सजन घोष, झुमक घोष, रविन्द्र उर्फ बंटी घोष, राजवीर घोष, उपदेश घोष, नरेन्द्र सिंह घोष और उजबंती घोष शामिल थे। ये सभी एक बोलेरो वाहन (UP74 P 2915) में फरसा, कुल्हाड़ी और लाठी लेकर घटनास्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने तिलक सिंह घोष पर जान से मारने की नीयत से गंभीर हमला किया था। इस मामले में दिगौड़ा थाने में अपराध क्रमांक 263/25 के तहत कई धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जतारा एसडीओपी अभिषेक गौतम के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए, घटना के बाद मुख्य आरोपी श्रीपत उर्फ सिरपत घोष (50) को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। इनको किया गिरफ्तार शुक्रवार को पुलिस ने मनीष सिंह घोष (25), सजन घोष (45) और झुमक घोष (48), तीनों निवासी ग्राम बैदऊ को बछोड़ा के जंगल में घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार (फरसा, लाठी) और बोलेरो वाहन को भी जब्त कर लिया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी मनीष मिश्रा, सउनि कल्याण सिंह यादव, प्रधान आरक्षक राकेश घोष, आनंद सुडेले, अनिल रिछारिया, विजय घोष, आरक्षक राघवेन्द्र, नीलू सिंह, जगभान रजक, अंकित साहू और महिला आरक्षक राखी यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


