10-दिन में 8 बार धंसी सड़क की लापरवाही पर कार्रवाई:ग्वालियर निगम के दो प्रभारी कार्यपालन यंत्री निलंबित; निगम आयुक्त ने शासन को भेजा था प्रस्ताव

ग्वालियर में महल रोड (चेतकपुरी सड़क) बार-बार धंसकने के मामले में नगर निगम के दो प्रभारी कार्यपालन यंत्री पवन सिंघल और सुरेश अहिरवार को शासन स्तर पर निलंबित कर दिया गया है। यह सड़क बारिश में 10 दिन में आठ बार धंसकी थी, जिससे पूरे प्रदेश में ग्वालियर की बदनामी हुई थी। सड़क जब बन रही थी तो उसके कार्य को न देखने की लापरवाही इन दोनों प्रभारी कार्यपालन यंत्री की मानी जा रही है। राज्य शासन के नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा प्रभारी कार्यपालन यंत्री पवन सिंघल एवं सुरेश अहिरवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के अलग-अलग आदेश जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय द्वारा नगरीय प्रशासन विभाग को लिखे गए पत्र के आधार पर की गई है। ग्वालियर में नगर निगम और स्मार्ट सिटी द्वारा मानसून सत्र से एक महीने पहले बनाई गई सड़कें पहली बारिश में ही उखड़ या धंस गई थीं। तीन महीने पहले मानसून की पहली बारिश के बीच, रात भर बारिश होने के बाद सुबह जब लोग महल रोड पर जीवाजी क्लब के सामने से निकले, तो सड़क की जगह सुरंग नजर आई। नई बनी सड़क न केवल धंसी हुई थी बल्कि नीचे लंबी सुरंग जैसी गहराई भी दिख रही थी। बता दें कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के महल तक जाने वाली यह वीआईपी और महंगी ‘महल रोड’ इस घटना से पहले पिछले 10 दिनों में 8 बार धंस चुकी थी। नगर निगम आयुक्त ने शासन को भेजा था प्रस्ताव
ग्वालियर नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय द्वारा मध्य प्रदेश शासन के नगरीय प्रशासन विभाग को पत्र के माध्यम से अवगत कराया था कि स्ट्रांम वाटर लाइन निर्माण कार्य किए जाने के कारण सड़क खुदाई हो जाने से चेतकपुरी चौराहे से ऑडिट भवन तक डामर रोड निर्माण का कार्य नगर निगम द्वारा अनुबंधित ठेकेदार से कराया गया। वर्षाकाल के प्रारम्भ में ही नव निर्मित रोड में जगह-जगह धंसाव हो गया और रोड क्षतिग्रस्त हो गई थी। नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय द्वारा प्रभारी कार्यपालन यंत्री पवन सिंघल एवं सुरेश अहिरवार, (मूल पद सहायक यन्त्री) के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव नगरीय प्रशासन विभाग मध्य प्रदेश शासन को भेजा था। इस आधार पर शासन द्वारा पवन सिंघल एवं सुरेश अहिरवार को निलंबित कर दिया गया है। एमआईसी एक बार बचा चुकी है
सबसे पहले सड़कों के बनाने के समय लापरवाही पर नगर निगम आयुक्त ने प्रभारी कार्यपालन यंत्री पवन सिंघल व सुरेश अहिरवार के निलंबन के आदेश दिए थे, लेकिन एमआईसी ने इसे अनुमोदित (मंजूर) नहीं किया था। जिस कारण दोनों बच गए थे, लेकिन नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने प्रस्ताव शासन को भेज दिया। निगमायुक्त संघप्रिय के प्रस्ताव के आधार पर शासन स्तर से दोनों प्रभारी कार्यपालन यंत्रियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। दोनों के अलग-अलग आदेश जारी किए गए हैं।

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