भास्कर न्यूज | बालोद विश्व हिंदू परिषद से संबद्ध मातृशक्ति संगठन की महिलाओं ने विजयादशमी पर शहर के शिकारीपारा वार्ड सहित विभिन्न दुर्गा पंडालों एवं मंदिरों में शस्त्र पूजन कर आदिशक्ति मां दुर्गा की आराधना की। दुर्गाष्टमी पर सामूहिक दुर्गा पाठ एवं वैदिक मंत्रोच्चारण किया गया। कार्यक्रम में विहिप जिला बाल संस्कार शाला प्रमुख पूजा जैन ने कहा कि हिंदू संगठन सेवा, सुरक्षा और संस्कार के मूलमंत्रों के साथ विश्व कल्याण की भावना से कार्य करते हैं। हमारी मातृशक्तियां धर्म की मजबूती और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। हम धर्मांतरण, कुरीतियों, भ्रष्टाचार व दुराचार के खिलाफ समाज को जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने लव जिहाद जैसे सामाजिक खतरे का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें गर्व है कि हमने हिंदू कुल में जन्म लिया है। वर्तमान समय में बेटियों को भ्रमित करने वाली ताकतों से बचाने की जरूरत है। बच्चों को सनातन धर्म से जोड़ें उन्होंने आगे कहा कि माताएं और बहनें अपने बच्चों को सनातन धर्म के संस्कारों से जोड़ें, यही राष्ट्र को मजबूत करेगा। बच्चों को सनातन धर्म के संस्कारों से जोड़ने के लिए धार्मिक ग्रंथों की कहानियां सुनाएं, बड़ों का सम्मान करना, सच बोलना सिखाएं और प्रकृति के महत्व को समझाएं। यह संस्कार उन्हें आत्मविश्वास से भरपूर और दृढ़ बनाते हैं, जिससे वे अपनी संस्कृति का गौरव बढ़ा सकते हैं और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी रखते हैं। बच्चे अपने माता-पिता को देखकर सीखते हैं, इसलिए खुद धार्मिक आचरणों का पालन करें जैसे पूजा, प्रार्थना और धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन। बच्चों को सरल भाषा में रामायण, महाभारत और भगवद गीता जैसे ग्रंथों की कहानियां सुनाकर धर्म से जोड़ें। उन्हें नमस्कार, प्रार्थना, ध्यान, और आचरण से संबंधित संस्कार सिखाएं। सनातन धर्म में प्रकृति पूजनीय मानी गई है, इसलिए बच्चों को पौधरोपण और जल संरक्षण का महत्व समझाएं। बच्चों में साहस और दृढ़ता का संचार करें, जिससे वे अपनी पहचान बनाए रख सकें। जब बच्चे संस्कारों से जुड़ते हैं, तो उनमें नैतिक मूल्य, समाज के प्रति जिम्मेदारी और एकता की भावना विकसित होती है।


