भास्कर संवाददाता| पाली खरीफ फसलों की बुवाई के बाद इस बार मानसून ने जिले पर खूब मेहरबान हुआ। लेकिन यह मेहरबानी किसानों के लिए भारी पड़ गई।जहां एक ओर झमाझम बारिश से खरीफ की बंपर बुवाई हुई थी। दूसरी ओर लगातार होती अतिवृष्टि ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। जिले में करीब 3 लाख 90 हजार हेक्टेयर में बुवाई हुई थी। लेकिन बरसात से जिले में करीब 52% तक फसल खराबे की पुष्टि हो चुकी है। करीब 2 लाख 452 हेक्टेयर में फसलें बर्बाद हो गईं। जिले में इस बार मानसून सीजन में 885 एमएम बारिश हुई, जो औसत से 315 एमएम ज्यादा है। ऐसे में अधिक बारिश से किसानों की फसलों ख़राब हो गई। जिले में सबसे ज्यादा नुकसान रोहट क्षेत्र में दिखा। वहां मूंग और बाजरा जैसी फसलों में 90% तक नुकसान है। रोहट के किसान बाबूसिंह ने बताया कि खेतों में लगातार पानी भरे रहने से मूंग की फसल काली पड़कर सड़ गईं। किसान बाबू सिंह बताते हैं कि खरीफ फसलों को तैयार करने के लिए एक बीघा में औसत दो हजार का खर्च आता है। इसमें किसान खेत में जुताई, बुवाई और बीज पर खर्च आता है। दुधिया के लूणाराम बताते हैं कि इसमें अगर किसान अपनी मेहनत और निराई- गुड़ाई सहित कीटनाशक का भी हिसाब लगाए तो एक बीघा में लागत 3 हजार से भी अधिक हो जाती है। लेकिन इस बार खरीफ फसलों में केवल लागत ही आई। फसलें खराब होने से इनकम जीरो ही रही। { 2025 में बारिश की स्थिति {जिले में औसत बारिश : 508.10 { कितनी हुई : 828.70 एमएम रबी का अनुमान : गेहूं : 80 हजार हेक्टेयर चना : 1 लाख हेक्टेयर रायड़ा : 75 हजार हेक्टेयर तारामीरा : 10 हजार हेक्टेयर जीरा : 10 हजार हेक्टेयर { पाली : 33 फीसदी से अधिक {रोहट : 40-50 फीसदी { सुमेरपुर : 50-60 फीसदी { मारवाड़ : 20-25 फीसदी { बाली : 20-25 फीसदी { सोजत : 31 फीसदी 20 सितम्बर तक 885 एमएम बारिश से खेत जलमग्न हो गए। ऐसे में अभी तक खेतों से पानी का भराव सूख नहीं पाया है। घेवरराम घांची बताते हैं कि किसानों ने पिछले दो महीने में खेतों से पानी की निकासी भी करवाई। लेकिन रिसाव और बारिश से खेतों का पानी खाली तक नहीं हो पाया। ऐसे में अभी तक किसान न तो खरीफ की फसल ले पाए। रबी की फसल की बुवाई के लिए भी लेट हो रहे हैं। कृषि विभाग ने इस बार जिले में 2.95 लाख हेक्टेयर में रबी फसल को लेकर बुवाई का लक्ष्य रखा है, लेकिन खेतों में पानी भरे होने से अभी तक 10 % तक बुवाई नहीं हो पाई। फसल बुवाई खराबा मूंग 164857 115230 ज्वार 70063 32636 बाजरा 27698 10169 मक्का 6898 2850 तिल 48645 24380 कपास 10676 2535 मोठ 703 5768 उड़द 752 274 चंवला 345 10 कुल : 200452 (खराबा में कृषि विभाग के अनुसार: 33 से लेकर 75 से अधिक फीसदी तक) ब्लॉक औसत बारिश पाली 420.39 867 बाली 586.70 732 देसूरी 644.41 1259 मा जं 509.31 769 सोजत 442.98 916 रायपुर 507.23 938 जैतारण 437.18 657 रोहट 424.13 583 सुमेरपुर 570.22 885 रानी 538.50 861.0 दोहरी मार: खरीफ डूबी, खेतों में अब भी पानी भरा पड़ा


