ख्वाजा गरीब नवाज के 814वें उर्स का झंडा इस बार 16 दिसंबर को बुलंद दरवाजे पर चढ़ाया जाएगा। जन्नती दरवाजा 20 दिसंबर को खुल जाएगा। यदि चांद नजर आया तो रात से ही उर्स की महफिल शुरू हो जाएगी। इस बार वीवीआईपी चादर झंडा चढ़ने के साथ ही मंगाई जाएंगी। उर्स का प्रस्तावित कार्यक्रम दरगाह कमेटी ने जारी कर दिया है। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन और केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्रालय को भी भेजा गया है। सर्दी का मौसम और दिन छोटे होने के कारण इस बार शाम को 4.45 बजे से ही झंडे का जुलूस शुरू कर दिया जाएगा। रोशनी के वक्त से पहले यानी करीब 6.15 बजे झंडा चढ़ा दिया जाएगा। इसके साथ ही उर्स की अनौपचारिक शुरुआत हो जाएगी। इस बार कमेटी द्वारा यह प्रयास किया जा रहा है कि वीवीआईपी चादर यानी पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से और केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू आदि की चादरें 16 से 20 दिसंबर के बीच ही दरगाह आ जाएं। इसके पीछे मंशा यही है कि उर्स के दौरान जायरीन को परेशानी न हो। कमेटी द्वारा इस बारे में मंत्रालय से भी पत्र व्यवहार किया जा रहा है। जन्नती दरवाजा 20 को खुलेगा इधर, इस्लामी कैलेंडर के जमादिउस्सानी महीने की 29 तारीख 20 दिसंबर को है। इसे देखते हुए दरगाह में ऐतिहासिक जन्नती दरवाजा तड़के 4:30 बजे जियारत के लिए खोल दिया जाएगा। शाम को मगरिब की नमाज के बाद हिलाल कमेटी की मीटिंग होगी। यदि रजब महीने का चांद नजर आ जाएगा तो रात से ही उर्स की महफिल शुरू हो जाएगी। अन्यथा 21 दिसंबर की रात को पहली महफिल होगी। कुल 26 दिसंबर को रजब की 6 तारीख 25 या 26 दिसंबर को होगी। इस दिन उर्स का कुल होगा। परंपरा के अनुसार दरगाह के महफिल खाना में कुरान ख्वानी होगी। सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक कुल की महफिल होगी। इसके बाद 9 रजब यानी बड़ा कुल 28 या 29 दिसंबर को होगा।


