शादी समारोह में फिजूल खर्ची रोकने के लिए सरकार सामूहिक विवाह को बढ़ावा दे रही है। इसके तहत सामूहिक विवाह सम्मेलन में शादी करने वाली दुल्हन को सरकार 21 हजार ओर आयोजन करने वाली संस्था को 4 हजार उपहार के रूप में दिए जाएंगे। प्रति जोड़ा कुल 25 हजार रुपए अनुदान राज्य सरकार के महिला अधिकारिता विभाग द्वारा विवाहों में होने वाले अपव्यय को कम करने एवं बाल विवाह को रोकने के लिए राज्य में सामूहिक विवाह के आयोजनों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री सामूुहिक विवाह एवं अनुदान योजना 2021 संचालित की जा रही है। जिसमें प्रति जोड़ा कुल 25 हजार रुपए की अनुदान दिया जाता है। जिसमें संस्था को 4 हजार व वधु को 21 हजार रुपए दिए जाते है। महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक भागीरथ ने बताया कि योजनांतर्गत सामेहिक विवाह का तात्पर्य एक ही स्थान पर एक ही समय में कम से कम 10 एवं अधिकतम 500 जोड़ो का विवाह करने से है। इस योजना के अंतर्गत अनुदान की इच्छुक संस्था द्वारा ऐसे आयोजन के कम से कम 15 दिवस पूर्व ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। 2024 में 215 जोड़े हुए थे लाभान्वित विभाग द्वारा पिछले वर्ष 215 जोड़ों और 14 संस्थाओं को अनुदान राशि का भुगतान किया गया एवं इस वर्ष 38 जोड़ों व 3 संस्थाओं के भुगतान की प्रक्रिया चल रही है। योजना में आवेदन की प्रक्रिया के तहत योजना का लाभ लेने के लिए राजस्थान संस्था एक्ट, 1958 अथवा सोसाइटी रजि. एक्ट 1860 अथवा आयकर अधिनियम 1961 अथवा राजस्थान लोक न्यास अधिनियम 1959 के अंतर्गत पंजीकृत किसी भी संस्था द्वारा अपने संस्था आधार नम्बर के माध्यम से राजस्थान सिंगल साइन ऑन आईडी (एसएसओ आईडी) पर जाकर आवेदन किया सकता है।


