गुना जिले के राघौगढ़ कस्बे में तेज आवाज में डीजे बजाने और जुलूस के कारण एम्बुलेंस समेत आम लोगों का रास्ता बंद होने का मामला सामने आया था। इसको लेकर एक व्यक्ति की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात डीजे संचालक के खिलाफ कोलाहल अधिनियम और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत FIR दर्ज की है। जुलूस में लगाए गए थे मोडिफाइड डीजे यह घटना शुक्रवार सुबह करीब 5:30 बजे की है। विजयपुर इलाके के भूमलाखेड़ी निवासी सर्जन मीणा (30) राघौगढ़ के सदर बाजार में किसी काम से आए थे। उसी दौरान बाजार से नवदुर्गा झांकी का जुलूस निकल रहा था। शिकायतकर्ता के अनुसार, जुलूस में लगभग 6 लोडिंग वाहनों को डीजे सिस्टम में मोडिफाई कर लिया गया था, जिनमें बड़े-बड़े साउंड बॉक्स लगे थे। तेज आवाज से हुई तबीयत खराब सर्जन मीणा ने थाने में दी शिकायत में बताया कि डीजे की तेज आवाज से सिर, कान और सीने में दर्द होने लगा। शोर इतना अधिक था कि आसपास की कोई भी आवाज सुनाई नहीं दे रही थी। लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। रोड जाम, एम्बुलेंस भी फंसी डीजे और जुलूस के कारण सड़क पूरी तरह जाम हो गई। सभी तरफ से रास्ते बंद हो गए। एम्बुलेंस और आपातकालीन वाहनों को निकलने में भारी दिक्कत आई। मौके पर मौजूद राधे उर्फ बृजेन्द्र राजपूत निवासी साडा कॉलोनी और संजू सैनी निवासी रामनगर रोड ने भी जुलूस में शामिल डीजे की पुष्टि की। पुलिस ने दर्ज किया केस शिकायतकर्ता ने कहा कि कलेक्टर द्वारा डीजे की ध्वनि सीमा को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन उसका उल्लंघन किया गया। शिकायत के आधार पर राघौगढ़ पुलिस ने अज्ञात डीजे संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला FIR में कोलाहल अधिनियम (Noise Pollution Act) के साथ-साथ मोटर व्हीकल एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पुलिस का कहना है कि जुलूस में शामिल डीजे वाहनों की पहचान की जा रही है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


