जबलपुर के गढ़ा क्षेत्र में दुर्गोत्सव चल समारोह के बीच शुक्रवार देर रात दर्दनाक हादसा हो गया। रात करीब 11 बजे गुलौआ चौक स्थित सेंट्रल बैंक के सामने लगाया गया विशाल मंच पर लगी ट्रेस (लाइट लगाने के खंभे) अचानक भरभराकर गिर गए। इस हादसे में 15 लोग घायल हुए हैं, जबकि श्वेता वर्मा नाम की महिला की मौत हो गई। उनके बेटे सौर वर्मा का जबलपुर अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक माता रानी का चल समारोह निकल रहा था और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंच के पास मौजूद थे। तभी अचानक तेज आवाज के साथ लाइट लगे लोहे के खंभे गिर पड़े, जिससे मंच पर और आसपास खड़े लोग उसके नीचे दब गए। हादसे के बाद चारों ओर अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई, लोग चीखते-चिल्लाते जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। मृतका के परिजन निशांत वर्मा ने बताया कि मंच टूटते ही भगदड़ मच गई और कई लोग उसके नीचे दब गए। स्थानीय लोगों और आयोजन समिति के सदस्यों ने घायलों को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल श्वेता वर्मा को जबलपुर अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद शनिवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर उठे सवाल स्थानीय लोगों का आरोप है कि आयोजन समिति ने मंच निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की थी। लोहे के खंभे मजबूती से नहीं लगाए गए थे। मंच पर ज्यादा भीड़ होने के कारण वे गिर गए और हादसा हो गया। पुलिस ने शुरू की जांच एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा का कहना है कि गुलौआ में मंच गिर गया था। जिसमें 7 लोग घायल हो गए थे। उसमें एक महिला गंभीर थी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई है। मामले में वैद्यानिक कार्रवाई की जा रही है। यह देखा जाएगा कि इसमें किसकी गलती थी। लापरवाहों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


