ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कोटा जिले के दिल्लीपुरा गांव स्थित सरकारी स्कूल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री नागर स्कूल भवन की स्थिति देखकर भड़क उठे। उन्होंने पाया कि विद्यालय भवन का निर्माण कार्य बेहद घटिया स्तर का किया गया है। फर्श जगह-जगह से उखड़ा हुआ था और दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें साफ नजर आ रही थीं। मंत्री नागर ने जब फर्श की टाइल्स उखड़वाईं तो नीचे बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई दिए, जिन पर केवल लीपापोती कर कार्य पूरा दिखा दिया गया था। उन्होंने कहा कि ऐसी लापरवाही शिक्षा के साथ खिलवाड़ है। भवन की खस्ता हालत के कारण आज तक छात्र-छात्राएं कक्षाओं में बैठ नहीं पाए हैं, जिससे पढ़ाई पर गंभीर असर पड़ा है। मंत्री नागर ने मौके पर मौजूद शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सख्त फटकार लगाते हुए पूछा कि इतनी खराब क्वालिटी का निर्माण कार्य होने के बावजूद निगरानी क्यों नहीं की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि भवन निर्माण करने वाली संबंधित फर्म कों ब्लैकलिस्ट किया जाए और घटिया कार्य की पूरी वसूली की जाए। मंत्री नागर ने मौके पर ही फोन पर बातचीत करते हुए कहा कि वे इस पूरे मामले की वस्तुस्थिति मुख्यमंत्री को बताएंगे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जनता के पैसे से किए जा रहे निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


