झुंझुनूं में एक रिटायर्ड सैनिक के अपहरण और बेरहमी से पिटाई के मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। झुंझुनूं की सेशन कोर्ट ने तीन आरोपियों— शारदा देवी, दीपचंद और जयप्रकाश को दोषी मानते हुए 7 साल की कठोर जेल की सज़ा दी है। 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने कहा कि इन लोगों ने जानबूझकर रिटायर्ड जवान राजेंद्र कुमार को घर से उठाया, बुरी तरह पीटा और उन्हें जबरदस्ती शराब पिलाने की कोशिश की। कोर्ट ने इस हरकत को समाज के लिए बेहद खतरनाक बताया। पुलिस जांच के बाद तीन मुख्य आरोपियों— शारदा देवी, दीपचंद और जयप्रकाश— के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। सेशन न्यायाधीश दीपा गुर्जर ने अपने फैसले में साफ कहा कि यह सिर्फ मारपीट का मामला नहीं है, बल्कि अपहरण, बंदी बनाने और जानलेवा हमला करने का एक संगठित अपराध है। दूध लेने निकले सैनिक पर घात लगाकर किया था हमला यह घटना 11 अगस्त 2022 की शाम की है। राजेंद्र कुमार की पत्नी सुशीला ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके पति राजेंद्र कुमार दूध लेने के लिए घर से निकले थे। रास्ते में ही, कुछ लोगों ने दीपचंद के घर के आगे उन्हें घेर लिया। सुशीला ने बताया कि दीपचंद, जयप्रकाश और शारदा देवी सहित सात लोगों के एक समूह ने उनके पति पर लाठी-डंडे, कुल्हाड़ी और दराती जैसे खतरनाक हथियारों से हमला किया। हमलावरों ने राजेंद्र कुमार को बुरी तरह पीटने के बाद जबरदस्ती घसीटकर दीपचंद के घर के अंदर ले गए। वहाँ उन्हें रस्सियों से बांध दिया गया और जान से मारने के इरादे से बर्बरता की गई। इस मारपीट में रिटायर्ड जवान के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आईं। अमानवीय कृत्य: जबरदस्ती शराब पिलाने की कोशिश राजेंद्र कुमार जब मार-पीट से लगभग अधमरे हो गए, तो दोषियों ने एक और अमानवीय काम किया। रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी जयप्रकाश ने शराब मंगवाकर जबरन राजेंद्र के मुँह में डाली। करीब आधे घंटे बाद एक पड़ोसी ने सुशीला को सूचना दी। सुशीला ने तुरंत रिश्तेदारों को बुलाया, जिन्होंने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राजेंद्र कुमार को बेहोशी की हालत में अस्पताल पहुंचाया।


