कांग्रेस जिला अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया शुरू:पहले ही दिन दुर्ग शहर से 31 तो दुर्ग ग्रामीण से 7 कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष बनने लिया आवेदन

कांग्रेस पार्टी ने अपने संगठनात्मक सृजन अभियान के तहत जिले में नए जिला अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बार का चुनाव खास होने वाला है, क्योंकि पहली बार नेताओं की जगह कार्यकर्ताओं की राय को तरजीह दी जा रही है। पार्टी हाईकमान ने साफ कर दिया है कि जिला अध्यक्ष पद पर वही बैठेगा, जिसे कार्यकर्ताओं और जमीनी संगठन का समर्थन मिलेगा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने उत्तर प्रदेश के विधायक अजय कुमार लल्लू को विशेष पर्यवेक्षक बनाकर दुर्ग भेजा है। वे 4 से 15 अक्टूबर तक जिले में ही रहेंगे। इस दौरान वे ब्लॉक, वार्ड से लेकर जिला स्तर तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं, नेताओं, सामाजिक संगठनों और प्रभावशाली व्यक्तियों से चर्चा कर अपनी रिपोर्ट दिल्ली हाईकमान को सौंपेंगे। आवेदन प्रक्रिया शुरू, पहले दिन ही बढ़ी हलचल
शनिवार 4 अक्टूबर से आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू हुई। पहले ही दिन दुर्ग शहर कांग्रेस जिला अध्यक्ष पद के लिए 31 कार्यकर्ताओं ने आवेदन फॉर्म लिया है। वहीं, दुर्ग ग्रामीण से 7 कार्यकर्ताओं ने फॉर्म लिया है। आवेदन जमा करने की तारीख 12 अक्टूबर तय की गई है। इसके बाद ही आगे की रायशुमारी और चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। वहीं भिलाई जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए आवेदन प्रक्रिया 5 अक्टूबर से शुरू होगी। कुल मिलाकर दुर्ग ग्रामीण, दुर्ग शहर और भिलाई शहर में जिला अध्यक्षों का चयन कार्यकर्ताओं की राय से होगा। पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं
पर्यवेक्षक अजय कुमार लल्लू का कहना है कि इस बार पार्टी में गुटबाजी जैसी कोई स्थिति नहीं है। सभी कार्यकर्ताओं की राय लेकर ही जिला अध्यक्ष चुना जाएगा। किसी नेता की पसंद या दबाव के बजाय संगठन को मजबूत करने वाले और पांच साल से सक्रिय कार्यकर्ता को ही यह जिम्मेदारी दी जाएगी। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी का अध्यक्ष ऐसा होना चाहिए जो किसानों की आवाज उठाए, दलित-पिछड़े-आदिवासी समाज से संवाद रखे और संगठन को गांव-खेत-खलिहान तक मजबूती से खड़ा कर सके। आम आदमी का बेटा भी बन सकता है अध्यक्ष
विशेष पर्यवेक्षक अजय कुमार लल्लू ने कहा कि पार्टी में किसी भी कार्यकर्ता के लिए अवसर समान है। आम आदमी का बेटा भी अध्यक्ष बन सकता है, यह सिर्फ कांग्रेस पार्टी में संभव है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि इस बार पारदर्षी तरीके से, आम कार्यकर्ताओं से बातचीत कर जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की जाएगी। इस बार किसी भी बड़े नेता या किसी भी स्थानीय नेता के जेब का नहीं, बल्कि कांग्रेस का अध्यक्ष चुना जाएगा। हाईकमान का भी यही निर्देश है कि इस बार जिला अध्यक्ष का चयन नेताओं की जेब से नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की सहमति और सर्वसम्मति से करना है। बड़ी बैठक में दिग्गजों की मौजूदगी
दुर्ग में आयोजित बैठक में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, भिलाई के वर्तमान जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, मौजूदा जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर (दुर्ग ग्रामीण) और गया पटेल (दुर्ग शहर) मौजूद रहे। इसके अलावा सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, प्रदेश और जिला पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्षों और सभी मोर्चा-प्रकोष्ठों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद सामाजिक संगठनों, वकीलों, पत्रकारों और स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों से भी संवाद का कार्यक्रम रखा गया। हाईकमान का फॉर्मूला: कार्यकर्ताओं की सुनी जाएगी राय
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने अहमदाबाद अधिवेशन में तय किया था कि पूरे देश में संगठनात्मक सृजन अभियान चलाकर जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की जाएगी। इसी अभियान के तहत लल्लू दुर्ग पहुंचे हैं। उनके साथ प्रदेश कांग्रेस के तीन ऑब्जर्वर भी सहयोग करेंगे। लल्लू ने साफ किया कि हम हर ब्लॉक, हर वार्ड, हर जिले के कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। सिविल सोसाइटी, पत्रकार, वकील, किसान और सामाजिक संगठन सबकी राय ली जाएगी। कांग्रेस पार्टी का मकसद है कि जिला अध्यक्ष का चुनाव पारदर्शी और संगठन को मजबूत करने वाला हो। जिला अध्यक्ष को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी
लल्लू ने बताया कि इस बार जो भी नया जिला अध्यक्ष बनेगा वो न केवल संगठन को संभालेगा बल्कि वह कांग्रेस चुनाव समिति (सीईसी) का सदस्य भी होगा। यानी विधानसभा और लोकसभा चुनाव में टिकट बंटवारे की प्रक्रिया में उसकी अहम भूमिका होगी। इतना ही नहीं, वह सीधे राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के संपर्क में रहेगा। भूपेश बघेल ने कहा- पहली बार नेताओं की नहीं कार्यकर्ताओं की चलेगी
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि इस बार कांग्रेस में पहली बार ऐसा हो रहा है कि नेताओं की नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की राय पर जिला अध्यक्ष चुना जाएगा। लल्लू जी यहां 8 दिन तक रहेंगे और ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक सभी से रायशुमारी कर हाईकमान को रिपोर्ट देंगे। पहली बार हो रहा है कि नेताओं की नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं की चलेगी। यह कांग्रेस पार्टी के अंदर लोकतांत्रिक परंपरा और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *