राज्य सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर 2025 के तहत ग्राम पंचायत लाठी में शिविर आयोजित किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने वर्तमान सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी और अन्य जनप्रतिनिधियों पर विकास कार्यों में फर्जीवाड़ा कर सरकारी राशि का गबन करने का आरोप लगाते हुए नायब तहसीलदार के माध्यम से मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई विकास कार्य स्वीकृत करवाने के बाद राशि का भुगतान कर लिया गया, लेकिन धरातल पर कोई निर्माण नहीं हुआ। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन और सीईओ उनके ज्ञापन पर गंभीरता से विचार करेंगे। सभी कार्य धरातल पर किए बिना राशि गबन की गई ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वन और खनिज विभाग की जमीन पर फर्जी पट्टे बनाए गए और मनरेगा कार्य केवल कागजों में दिखाए जा रहे हैं। फोटो केवल दस्तावेजी रूप में अपलोड की जा रही हैं, जिससे सरकारी राशि का दुरुपयोग हो रहा है। ज्ञापन में बताया गया कि बिजली घर से खेमाराम सुथार तक 4.50 लाख रुपए, कबूतरों का चौक व भादरिया सड़क के किनारे 2-2 लाख रुपए, सार्वजनिक शौचालय एक लाख रुपए, गणपत बाबा के पास मूलभूत सुविधा विस्तार 2 लाख रुपए, पाड़ा और केरालिया रोड पर 4.50-4.50 लाख रुपए खर्च होने के बावजूद काम नहीं हुआ। इसके अलावा ग्रामीणों ने वर्तमान विकास अधिकारी की अनुपस्थिति में पंचायत के विकास कार्य ठप होने की बात कही। ज्ञापन में आरोप: ग्रामीणों की मांग: आंदोलन की दी चेतावनी ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन की रणनीति अपनाने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन और सीईओ उनके ज्ञापन पर गंभीरता से विचार करेंगे।ग्रामीणों में हाजी अलू खां, सुंदरलाल दर्जी, मोयब खां, दीपक पालीवाल, अमृतलाल विश्नोई, रमेश कुमार, रामस्वरूप थोरी, थूगराराम भील, सुराराम भील और सुखदेव प्रमुख रूप से शामिल थे।


