केंद्र सरकार के निर्देश पर 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान’ चलाया गया। इस अभियान के तहत फलोदी जिले ने हीमोग्लोबिन जांच में राज्य भर में चौथा स्थान प्राप्त किया है। अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करना था। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. प्रताप सिंह राठौड़ ने बताया कि फलोदी जिले के सभी चिकित्सा संस्थानों, जिनमें जिला अस्पताल, उपजिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिर शामिल हैं, पर प्रतिदिन 280 कैंप लगाए गए। इन कैंपों में प्राथमिकता से महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की गई। अभियान के दौरान जिले में कुल 72 हजार व्यक्तियों की जांच की गई। इसमें 40 हजार महिलाओं के खून की जांच की गई, जिसमें करीब 6 हजार महिलाओं में हीमोग्लोबिन 9 ग्राम से कम पाया गया। इन सभी महिलाओं का उपचार शुरू कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर, बीपी, शुगर और सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारियों की भी जांच की गई। अभियान में 32 हजार स्कूली बालिकाओं और बच्चों के खून की भी जांच की गई। इनमें से 5890 बच्चों में हीमोग्लोबिन 10 ग्राम से कम पाया गया, जिनका उपचार भी प्रारंभ कर दिया गया है। जिले भर में लगभग 228 ऐसी महिलाएं और बच्चे मिले जिनका हीमोग्लोबिन स्तर 8 ग्राम से भी कम था, उनका भी उपचार शुरू किया गया है। राज्य स्तर से निर्धारित लक्ष्य का लगभग 50% हासिल करते हुए फलोदी जिले ने हीमोग्लोबिन जांच में राज्य में चौथा स्थान प्राप्त किया है। इस अभियान के तहत 26 हजार बच्चों का टीकाकरण भी किया गया। इनमें वे बच्चे शामिल थे जो 5, 10 और 16 वर्ष की उम्र में टीकाकरण से वंचित थे। टीकाकरण में भी फलोदी जिले ने प्रत्येक कैंप में 20 से अधिक बच्चों को लाभान्वित कर अच्छा प्रदर्शन किया। सीएमएचओ डा. प्रताप सिंह राठौड़ ने जिले में कार्यरत प्रत्येक चिकित्सा कर्मी को बधाई देते हुए चतुर्थ रैंक प्राप्त करने पर धन्यवाद दिया। साथ ही अतिरिक्त सीएमएचओ डॉ गिरीश व्यास ने आमजन से अपील की है कि आने वाले दिनों में भी अस्पतालों में हीमोग्लोबिन की जांच का अभियान जारी रहेगा जिसमें कोई भी व्यक्ति अस्पताल आकर अपने हीमोग्लोबिन, बीपी एवं शुगर की जांच करवा सकता है।


