पश्चिमी सिंहभूम जिले में स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षकों के लंबित वेतन भुगतान के नाम पर 35 से 40 लाख रुपए की अवैध वसूली का मामला सामने आया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) टोनी प्रेमराज टोप्पो ने इस संबंध में तीन शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है। डीईओ ने आदेश दिया है कि तीनों शिक्षक 24 घंटे के भीतर अपना जवाब दाखिल करें। तीन शिक्षकों को नोटिस जारी जिन शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है, उनमें मारवाड़ी प्लस टू उच्च विद्यालय, चक्रधरपुर के राकेश कुमार महतो; प्लस टू उच्च विद्यालय, राजआनंदपुर से एसओई स्कॉट प्लस टू उच्च विद्यालय, चाईबासा में प्रतिनियुक्त अलोका पुरती; और प्रोजेक्ट प्लस टू उच्च विद्यालय, झीलरुवां, गोइलकेरा से प्लस टू उच्च विद्यालय, खूंटी में प्रतिनियुक्त निलिमा मुक्ता पुरती शामिल हैं। ये सभी स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक हैं। शिक्षकों पर है अवैध वसूली का आरोप विभाग द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि इन शिक्षकों पर स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षकों के बकाया लंबित वेतन भुगतान कराने के नाम पर अवैध वसूली करने का आरोप है। इस संबंध में संबंधित स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। डीईओ ने की कार्रवाई, अब होगी जांच डीईओ टोनी प्रेमराज टोप्पो ने स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जल्द ही पूरी की जाएगी। स्पष्टीकरण मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने शिक्षकों से आग्रह किया है कि वे समय पर जवाब दें, ताकि मामले में वास्तविक दोषियों की पहचान की जा सके।


