हरियाणा-हिमाचल के बार्डर पर पशुओं की वजह से हुए सिंगर राजवीर के सड़क हादसे के बाद मोहाली पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार न किसानों की पक्षधर है और न ही किसानों के संगठनों को मजबूत करने का काम कर रही है।
बल्कि, वह किसानों के संगठनों को तोड़ने का काम कर रही है। सरकार जितनी नफरत किसानों से करती है, उतनी ही सिख समाज और मुस्लिम समाज से भी करती है। जो उसके खिलाफ बोलेगा, उससे नफरत करती है। सरकार के भी है कुछ संगठन टिकैत ने कहा कि मूवमेंट कौन चला रहा है, यह हमें पता नहीं है। मूवमेंट तो कोई त्रस्त होकर चलाता है, वह कोई भी हो सकता है। कुछ सरकारी भी किसान संगठन हैं, जिनकी पहचान करना मुश्किल है। वे भाषा किसान की बोलेंगे, लेकिन उनकी पीठ पर सरकार होगी। संयुक्त किसान मोर्चे में इस तरह की विचारधारा वाले लोगों को बाहर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शब्दों के हेरफेर से ‘खुदा’ और ‘जुदा’ बनता है — नुक्ता ऊपर लग गया तो ‘खुदा’ बन जाता है, नीचे लग गया तो ‘जुदा’। ऐसे लोग बहुत मुश्किल से पहचान में आते हैं, लेकिन वे कोई न कोई ऐसा शब्द बोलेंगे जो सरकार की परिभाषा से मेल खाता हो। उन्हें चिन्हित करने की जरूरत है। इसी तरह की मूवमेंट वे चला रहे हैं। सात तारीख को एसकेएम की मीटिंग टिकैत ने कहा कि सात तारीख को चंडीगढ़ में एसकेएम की बैठक होने जा रही है। इसमें मुख्य रूप से 26 नवंबर के कार्यक्रम और आगे की रणनीति पर चर्चा कर स्ट्रैटेजी तैयार की जाएगी।टिकैत ने कहा कि वह बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर आए हैं। वहां पर बीज, डीजल और खाद की जरूरत है। सरकार को चाहिए कि खेतों को समतल करे, तभी समाधान हो सकता है।


