खरगोन में कलेक्टर भव्या मित्तल ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ भावांतर योजना की समीक्षा बैठक की। बैठक में खरगोन विधायक बालकृष्ण पाटीदार, महेश्वर विधायक राजकुमार मेव, सांसद प्रतिनिधि कल्याण अग्रवाल, जिला सहकारी बैंक सीईओ संध्या रोकड़े, उपसंचालक कृषि एसएस राजपूत समेत अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में खरीदी से पहले की तैयारियों और किसानों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। किसानों के पंजीयन की समस्या पर खास ध्यान खरगोन विधायक बालकृष्ण पाटीदार ने किसानों के पंजीयन से जुड़ी समस्याओं पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही किया जाना चाहिए ताकि किसानों को भावांतर राशि और उपज की खरीदी में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। जिम्मेदारी तय, निगरानी और हेल्प डेस्क की व्यवस्था बैठक में पंजीयन प्रक्रिया से लेकर मॉडल रेट तय करने तक की जिम्मेदारी स्पष्ट की गई। भारसाधक अधिकारी और एसडीएम मंडी भावांतर व्यवस्था की निगरानी करेंगे। मंडी में एक हेल्प डेस्क भी स्थापित किया जाएगा जो किसानों और व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करेगा। साथ ही, क्षेत्र के एसडीएम को सोयाबीन के मॉडल रेट की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। किसानों तक योजना का लाभ पहुंचाने का आग्रह कलेक्टर भव्या मित्तल ने सभी अधिकारियों से भावांतर योजना का अधिकतम लाभ किसानों तक पहुंचाने का आग्रह किया, ताकि किसान बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षित रह सकें। भावांतर योजना के तहत किसानों का पंजीयन 17 अक्टूबर तक किया जाएगा। किसान अपनी सोयाबीन 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक मंडी में बेच सकेंगे। सरकार ने निर्धारित किया समर्थन मूल्य भारत सरकार ने सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5328 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। यदि बाजार मूल्य इस समर्थन मूल्य से कम होता है, तो सरकार भावांतर योजना के तहत अंतर राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजेगी।


