नर्मदापुरम शहर के व्यस्तम क्षेत्र कोतवाली थाने से चंद कदमों की दूरी पर स्थित पुरानी तहसील (पुरातत्व विभाग) में लगा मेन गेट चोरी हो गया। घटना 3 अक्टूबर की सुबह उजागर हुई। वजनी लोहे के गेट को तहसील के ही चपरासी ने अपने साथी के साथ मिलकर कबाड़े की दुकान पर बेच दिया। जिसका सीसीटीवी वीडियो रविवार को सामने आया। जिसमें साफ नजर आ रहा कि व्यक्ति कबाड़े की दुकान पर लोहे के गेट को तुलवा रहा है। कोतवाली पुलिस ने रविवार को गेट चुराने वाले आरोपी चपरासी अरुण पिता रामसेवक सराठे (40) निवासी शांतिनगर और राजकुमार पिता ऋषिराम सराठे (27) निवासी पीली खंती को अरेस्ट किया। पुलिस के मुताबिक पुरानी तहसील की बिल्डिंग को पुरातत्व विभाग को हैंडओवर किया है। जिसकी देखरेख पुरातत्व विभाग कर रहा है। कर्मचारी उमेश चावरे ने 3 अक्टूबर की सुबह 8बजे जब ऑफिस पहुंचा तो लोहे का मेन गेट गायब था। जिसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी। कोतवाली थाने में शनिवार रात को अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। कोतवाली थाना टीआई कंचन सिंह ठाकुर ने बताया अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया था। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू की। फुटेज में दिख रहा अरुण सराठे और राजकुमार सराठे से पूछताछ की। जिसमें उन्होंने अपराध करना स्वीकार किया। पुलिस ने लोहे का गेट भी जब्त किया। बर्तन दुकान में चोरी करने वाले आरोपी और दुकानदार भी अरेस्ट शहर के सेठानी घाट पर स्थित बर्तन दुकान से हुई चोरी मामले में भी पुलिस को सफलता मिली। पुलिस ने आरोपी रामकिशोर पिता रामविलास कीर (25) निवासी तवा पुल देवलाखेड़ी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि फरियादी मुकेश शर्मा की दुकान से पीतल, तांबे के बर्तन चोरी किए थे। चोरी किए कुछ बर्तन उसने आरोपी शुभम कान्सकार पिता चन्द्रशेखर निवासी कसेरा बाजार नर्मदापुरम को बेच दिए। पुलिस ने चोरी किए पीतल, तांबे के बर्तन बरामद किए। कोतवाली टीआई कंचन सिंह ने बतायाआरोपी रामकिशोर कीर के अलावा चोरी का माल खरीदने वाले कसेरा व्यापारी शुभम कान्सकार को भी आरोपी बनाया है।


