राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विद्या भारती राजस्थान के तत्वावधान में आदर्श शिक्षा समिति, दौसा द्वारा सप्तशक्ति संगम- मातृ सम्मेलन का आयोजन बालिका आदर्श विद्या मंदिर में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं संस्कृत वंदना से हुआ, जिससे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेविका रश्मि मीना ने की तथा पर्यावरण जागरूकता पर अपने विचार व्यक्त किए। वहीं मुख्य अतिथि समाज सेविका भावना शर्मा ने भारत के विकास में नारी की भूमिका पर बात रखी। मुख्य वक्ता मनीषा शर्मा प्रांतीय सह संयोजक में सप्तशक्ति संगम ने कुटुंब प्रबोधन के सम्बन्ध में भारतीय दृष्टि विषय पर, जिला संयोजिका निर्मला शर्मा ने सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम की प्रस्तावना रखी और मातृशक्ति के सांस्कृतिक एवं नैतिक सशक्तिकरण पर विचार रखे। बालिका शिक्षा प्रमुख रामोती गुर्जर ने बालिका शिक्षा के माध्यम से राष्ट्रनिर्माण की दिशा पर प्रकाश डाला। वहीं कार्यक्रम संयोजिका हेमलता मिश्रा ने संयोजन किया। कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी, प्रेरणादायी महिलाओं के संस्मरण, अनुभव कथन तथा विशिष्ट माताओं का सम्मान जैसे विविध चरणों ने आयोजन को जीवन्त बना दिया। कार्यक्रम का समापन अध्यक्षीय उद्बोधन और शांति पाठ के साथ हुआ। विशेष आकर्षण के रूप में परिसर में हस्तनिर्मित उत्पादों की स्टॉल भी लगाई गईं, जिनमें ग्रामीण एवं स्थानीय महिलाओं के द्वारा निर्मित स्वदेशी उत्पादों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम का संचालन गायत्री देवी ने किया। इस अवसर पर मीना शर्मा, धनवंती मीना, हेमलता सैनी सहित कई महिलाएँ उपस्थित रहीं।


