डिंडोरी में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान ने ‘सप्तशक्ति संगम’ विषय पर रविवार को एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया। इसमें 23 जनवरी तक चलने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। प्रेसवार्ता में संतोषी सोनी, शिखा राय, सपना जैन, रितुपर्णा बिलैया, मुख्य वक्ता मनीषा द्विवेदी, रश्मि गोस्वामी और अर्चना चौरसिया उपस्थित रहीं। वक्ता शिखा राय ने बताया कि संघ शताब्दी वर्ष के तहत ‘मातृशक्ति सम्मेलन’ का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन महिलाओं द्वारा, महिलाओं के लिए और महिलाओं का कार्यक्रम है, जिसे ग्राम भारती संस्कार केंद्र और वनवासी केंद्रों सहित विभिन्न स्थानों पर मनाया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ‘पंच परिवर्तन’ के विषयों – कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण, सामाजिक समरसता, स्व का बोध और नागरिक कर्तव्य – को जन-जन तक पहुंचाना है। इसका लक्ष्य भारत की ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को सुदृढ़ करना है। युवा पीढ़ी कुटुंब की परिभाषा भूली आयोजकों ने बताया कि वर्तमान युवा पीढ़ी कुटुंब की सही परिभाषा भूल गई है, जिसके लिए कुटुंब का अर्थ केवल पति-पत्नी और बच्चे रह गया है। कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें कुटुंब का महत्व, पर्यावरण संरक्षण के तरीके, सामाजिक समरसता का भाव कैसे जागृत हो, स्व के बोध को कैसे जगाया जाए और देश के प्रति नागरिकों के कर्तव्य क्या हैं, यह बताया जाएगा। ‘भाषा, भूषा, भजन, भोजन और भ्रमण’ इन ‘पंचभागे’ के प्रति अपनत्व का भाव जगाना भी आयोजनों का मुख्य प्रबोधन भाग होगा। इसके अतिरिक्त, ‘जल, जंगल, जन, जमीन और जानवर’ ये ‘पांच जा’ पर्यावरणीय जीवन के आधार के रूप में प्रस्तुत किए जाएंगे।


