विश्व शिक्षक दिवस के अवसर पर ब्यावर में शिक्षकों और सेवानिवृत्त गुरुजनों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम राजस्थान पेंशन समाज, सेवा यतन ब्यावर और मानवाधिकार समिति ब्यावर के संयुक्त देखरेख में हुआ। समारोह का शुभारंभ वरिष्ठ शिक्षाविद् सत्यनारायण सांखला, कूप सिंह रावत, देवीलाल जोशी, धर्मचंद शर्मा और पेंशन समाज के सचिव की मौजूदगी में हुआ। इस दौरान शिक्षकों के सामने आने वाली विभिन्न कठिनाइयों, समस्याओं और उनके संभावित समाधानों पर विस्तृत चर्चा की गई। वरिष्ठ शिक्षाविद् सत्यनारायण सांखला ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षक कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इनमें निजी स्कूलों में संसाधनों की कमी, कम वेतन, अपेक्षित सामाजिक सम्मान का अभाव और सरकारी आदेशों की कठोरता प्रमुख हैं। उन्होंने जोर दिया कि इन समस्याओं का समाधान समाज और सरकार दोनों की साझा जिम्मेदारी है। जिला मंत्री ने कहा कि शिक्षक अपने ज्ञान के प्रकाश से समाज को नई दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि वह गुरुजनों को उचित सम्मान, सहयोग और परामर्श दे, ताकि वे बच्चों के उज्जवल भविष्य के निर्माण में और अधिक प्रभावी ढंग से योगदान दे सकें। कूप सिंह रावत ने शिक्षकों को जलती हुई मोमबत्ती के समान बताया, जो अपने ज्ञान से समाज का अंधेरा दूर कर विकसित भारत के निर्माण में सहायक होते हैं। समारोह में सभी उपस्थित शिक्षकों और सेवानिवृत्त गुरुजनों को शॉल व दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पेंशन समाज की ओर से सत्यनारायण सांखला, राधेश्याम शर्मा, कन्यालाल बागड़ी, देवीलाल जोशी, ओम सिंह रावत, बालू सिंह गहलोत, कूप सिंह रावत, नारायण सिंह पवार और छोटूलाल कुमावत सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। अंत में देवीलाल जोशी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।


