इंदौर-बुधनी रेल लाइन परियोजना के लिए किए जा रहे उपजाऊ भूमि अधिग्रहण के विरोध में कलवार गांव में किसान पिछले 17 दिन से अनशन कर रहे हैं। रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अनशन स्थल पर पहुंचकर किसानों से मुलाकात की। किसानों की मांग है कि रेल परियोजना का अलाइनमेंट बदला जाए और उपजाऊ जमीन की जगह पठारी या बंजर भूमि से रूट निकाला जाए। किसानों का कहना है कि पहले के सर्वे में यही रूट प्रस्तावित था, लेकिन बाद में बिना सहमति के बदलाव कर उपजाऊ भूमि का अधिग्रहण शुरू कर दिया गया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि अलाइनमेंट बदलने में अधिक खर्च आने पर भी सरकार को 350 परिवारों की रोजी-रोटी के सामने आर्थिक तर्क नहीं रखना चाहिए। उन्होंने रेलवे अध्यक्ष और संबंधित इंजीनियरों से चर्चा कर जल्द समाधान निकालने की बात कही। सिंह ने किसानों का हालचाल पूछा और उन्हें नींबू, शहद और पानी का सेवन करते रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र में किसान 17 दिनों से भूखे बैठे हैं और सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन किसानों को बिना सूचना दिए जबरन खातों में भुगतान के पैसे डाल रहा है, जिससे उनकी सहमति के बिना अधिग्रहण का दिखावा किया जा रहा है। दिग्विजय सिंह ने महिला किसानों से भी संवाद किया और 17 जून को कब्जे की कार्रवाई के दौरान हुई मारपीट की घटना पर नाराजगी व्यक्त की। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनीष चौधरी, पूर्व विधायक कैलाश कुंडल समेत कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


