श्री विजयनगर की धानमंडी के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भारतवर्ष की खुशहाली और क्षेत्र के किसानों व व्यापारियों की समृद्धि के लिए सहस्रचंडी महायज्ञ का भव्य आयोजन शुरू हो चुका है। 1 करोड़ रुपए की लागत से आयोजित इस यज्ञ में हरिद्वार सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए 125 वैदिक ब्राह्मण हिस्सा ले रहे हैं। यह महायज्ञ 12 अक्टूबर तक चलेगा। हजारों पाठ और हवन का आयोजन आयोजक अशोक मिड्डा ने बताया कि इस बार यज्ञ में 1 हजार दुर्गा सप्तशती पाठ, 40 हजार गणपति अथर्वशीर्ष पाठ और दानाद्श हवन का आयोजन किया जाएगा। यज्ञ का उद्देश्य पूरे भारत की सुख-समृद्धि के साथ-साथ स्थानीय किसानों और व्यापारियों के कल्याण के लिए प्रार्थना करना है। इससे पहले श्री विजयनगर में यह यज्ञ 1993 और 2000 में आयोजित किया गया था। शाम को सत्संग और देसी घी का लंगर यज्ञ के साथ हर शाम 7 बजे से 10 बजे तक महात्मा सत्संग का आयोजन होगा। इसके अलावा, यज्ञ स्थल पर देसी घी से तैयार लंगर भी चलाया जा रहा है। यह भव्य आयोजन श्री विजयनगर के व्यापारियों और स्थानीय जनता के सहयोग से किया जा रहा है। यज्ञ स्थल पर भक्तों की भारी भीड़ पहुंच रही है। यज्ञ के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और हवन की सुगंध से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा है।


