प्रयागराज में गली-मोहल्लों में संचालित अवैध डेयरियों पर अब रोक लगेगी। नगर निगम शहर के बाहर कैटल कॉलोनी बनाकर इस समस्या का स्थायी समाधान करने जा रहा है। इन डेयरियों के कारण गंदगी और सड़कों पर मवेशियों से होने वाली परेशानी खत्म होगी। नगर निगम की योजना के तहत शहर के बाहरी क्षेत्रों में कैटल कॉलोनी विकसित की जाएगी। इन कॉलोनियों में 10 अधिकृत डेयरियां संचालित होंगी, जिससे पशुपालकों को व्यवस्थित स्थान मिलेगा। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) की महायोजना 2031 में भी कैटल कॉलोनी का प्रस्ताव शामिल है। महायोजना के अनुसार, चारागाह और डेयरी उपयोग के लिए पिछली योजना से 62 हेक्टेयर अधिक भूमि आरक्षित की गई है। नगर निगम नैनी, झूंसी, फाफामऊ और झलवा क्षेत्रों में कैटल कॉलोनी विकसित करेगा। इन कॉलोनियों में 1000 से 1500 मवेशियों को रखने की व्यवस्था होगी और दूध-दही की बिक्री के लिए 10 नई डेयरियां भी स्थापित की जाएंगी। इससे पहले, महायोजना 2021 में भी नैनी और फाफामऊ में कैटल कॉलोनी का प्रस्ताव था, लेकिन उसका उपयोग सीमित रहा। वर्तमान में इन कॉलोनियों में केवल 200 से 300 मवेशियों को रखने की व्यवस्था है। नगर आयुक्त साईं तेजा ने बताया कि शहर में जन-सुविधाओं और स्वच्छता के लिए कैटल कॉलोनी का निर्माण आवश्यक है। उन्होंने कहा, “कैटल कॉलोनी में दूध उत्पादों की बिक्री के लिए डेयरियां स्थापित होंगी। पशुपालकों से बैठक कर जल्द ही उचित निर्णय लिया जाएगा।” इस योजना के लागू होने से शहर की गलियों से अवैध डेयरियां समाप्त होंगी और खुले में घूमने वाले मवेशियों की समस्या पर भी काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा।


