आजमगढ़ के तरवा थाना क्षेत्र में 4 अक्टूबर को एक दावत में दलित और राजभर समुदाय के बीच कुर्सी को लेकर हुए मामूली कहा सुनी के बाद विवाद हो गया। दावत में राजभर समाज के लोगों ने कुर्सी पर खाना खा रही दलित बच्ची से कुर्सी ले ली। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और विवाद बढ़ने लगा। कार्यक्रम के बाद राजभर समाज के लोग दलित कमलेश के घर पहुंच कर हमला कर दिए जिसमें सात लोग गंभीर रूप से घायल हुए। सभी घायलों को इलाज के लिए 100 शैय्या अस्पताल भेजा गया जहां हालत गंभीर देखते हुए पीजीआई के लिए रेफर कर दिया गया। इस मामले में दलित कमलेश के चाचा खेदूराम की तहरीर पर 13 लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। वही मामले की जानकारी मिलने के बाद लालगंज पल्हना के ब्लॉक प्रमुख अनुराग सिंह सोनू मौके पर पहुंचे और राजभर समाज के लोगों का मुकदमा न दर्ज किए जाने को लेकर विरोध जताया। पुलिस द्वारा किए गए इस रवैया से नाराज ब्लॉक प्रमुख के समर्थकों ने थाने के बाहर बैठकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। मामले की जानकारी मिलने के बाद मेहनाजपुर देवगांव और मेहनगर थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंची। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा बूझाकर ब्लॉक प्रमुख और उनके समर्थकों को समझाया और इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई किए जाने का आश्वासन भी दिया। इस मामले में ब्लॉक प्रमुख का कहना है कि जिस दलित समाज का मुकदमा लिखा गया है। उसमें ऐसे लड़के को भी पुलिस ने उठाया है। जिसका नाम मुकदमे में नहीं है। जिसको लेकर आपत्ति है। इसके साथ ही ब्लॉक प्रमुख ने पुलिस पर लड़के के पिता के साथ मारपीट करने के प्रयास का भी आरोप लगाया है। वहीं पुलिस के विरोध में ब्लॉक प्रमुख ने धरना भी दिया। इन घायलों का चल रहा है इलाज दो पक्षों के बीच हुए इस मारपीट की घटना में कमलेश कुमार , राजेश कुमार, अंकित, सविता देवी, संतरा देवी, लीला देवी और सरोज देवी गंभीर रूप से घायल हो गई हैं जिनका इलाज पीजीआई में चल रहा है। इन लोगों के विरुद्ध दर्ज हुआ मुकदमा इस बारे में तरवा थाने के प्रभारी चंद्रदीप कुमार ने बताया कि कमलेश के चाचा खेदू राम की तहरीर पर इस मामले में 13 आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। जिन आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। उनमें राम जन्म राजभर, अर्पित राजभर, अंकित राजभर, विपुल राजभर पवन यादव, सूरज राजभर, कैलाश राजभर, गोलू राजभर, अनिल राजभर, प्रिंस राजभर, मनीष राजभर किशन राजभर और अभिषेक राजभर हैं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।


