जयपुर | आश्विन माह शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा इस बार दो दिन सोमवार और मंगलवार को रहेगी। सोमवार दोपहर 12.22 पूर्णिमा शुरू होगी, जो मंगलवार सुबह 9:17 तक रहेगी। ऐसे में सोमवार रात चंद्रमा 16 कलाओं से परिपूर्ण दिखाई देगा। ज्योतिषाचार्य पं. विनोद शास्त्री ने बताया कि चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाएगा। सोमवार शाम 5:34 बजे चंद्रोदय होगा। उदियात के अनुसार पूर्णिमा का व्रत और स्नान-दान मंगलवार को किया जाएगा। पहले दिन ही मंदिरों और घरों में सायंकालीन पूजा, व्रत और चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाएगा। खीर का भोग लगाकर इसे अमृत वर्षा के लिए चांदनी की रोशनी में रखेंगे। इस बार वृद्धि और ध्रुव योग का संयोग है। चांद की रोशनी में रखी खीर पित्त दोष कम करती है {गोविंददेवजी व गोपीनाथजी मंदिर में भी शरद पूर्णिमा उत्सव सोमवार को ही मनाया जाएगा। भगवान का विशेष शृंगार होगा और भक्तों को खीर बांटी जाएगी। शाम 7:15 से 7:30 बजे तक शरद उत्सव की विशेष झांकी के दर्शन होंगे। {छोटी चौपड़ सीतारामजी मंदिर में समाज श्री सीतारामजी समिति की ओर से शाम 7 बजे से शरद महोत्सव मनाया जाएगा। वैद्य धर्मचंद खीर में दमे की दवा मिलाकर रात 10 बजे भक्तों को वितरित करेंगे। ठाकुर के आगे चौपड़-पासा बिछाया जाएगा।


