पंजाब में आज, 6 अक्टूबर 2025 को किसान मजदूर मोर्चा और इससे जुड़ी विभिन्न जत्थेबंदियों की ओर से राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए। कुल 14 जिलों के 59 विभिन्न स्थानों पर यह प्रदर्शन आयोजित हुआ, जिसमें भगवंत मान और केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ “अर्थी फूंक” कार्यक्रम किए जायगे। किसान मजदूर मोर्चा के प्रधान सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि हाल ही में आई बाढ़ से किसानों की फसलें, खेत, पशुधन, दुकानें और खेत मजदूरों का रोजगार पूरी तरह बर्बाद हो गया, लेकिन सरकारों ने अभी तक कोई प्रभावी राहत या मुआवजा नहीं दिया है। किसान संगठनों का कहना है कि पानी उतर चुका है, पर सरकार की संवेदनशीलता अब भी नदारद है। मोर्चा की ओर से जारी मांगपत्र में प्रमुख मांगे इस प्रकार धान की फसल के लिए ₹70,000 प्रति एकड़ मुआवज़ा दिया जाए, जिसमें से 10% खेत मजदूरों को मिले। पशुपालकों, दुकानदारों और मकान मालिकों को नुकसान के अनुसार राहत दी जाए। गेहूं की बुवाई के लिए खाद, बीज और डीज़ल सरकार द्वारा मुफ़्त दिया जाए। बाढ़ग्रस्त खेतों से रेत हटवाई जाए और रेत निकालने पर कोई पाबंदी न लगाई जाए। डैमों से अचानक छोड़े गए पानी की न्यायिक जांच करवाई जाए क्योंकि यह प्राकृतिक नहीं, मानव-जनित त्रासदी थी। नदियों को पक्के बांध देकर नहरनुमा स्वरूप प्रदान किया जाए ताकि भविष्य में बाढ़ से बचाव हो सके। पराली प्रबंधन के नाम पर किसानों पर थोपे जा रहे जुर्मानों को रोका जाए और सरकार ₹200 प्रति क्विंटल या ₹6000 प्रति एकड़ की दर से सहायता दे। धान की खरीद प्रक्रिया में रुकावट न आए, गन्ने का बकाया तुरंत जारी हो, और नरमा व बासमती की फसलों के लिए उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया जाए। 6 अक्टूबर 2025 को पंजाब के 14 जिलों में कुल 59 स्थानों पर पुतले जलाए जाएंगे जो इस प्रकार है– अमृतसर में 6, तरनतारन में 12, गुरदासपुर में 9, फाजिल्का में 6, मोगा में 6, जालंधर में 3, कपूरथला में 6, होशियारपुर में 4, पठानकोट में 1, रोपड़ में 1, लुधियाना में 1, बठिंडा में 1 और मुक्तसर में 1 स्थान तय किए गए हैं। यह प्रदर्शन विभिन्न स्थानों जैसे गोल्डन गेट, डीसी दफ्तर, टोल प्लाजा और चौराहों पर होगा। प्रदर्शन के जरिए जन आक्रोश और विरोध दर्ज कराया जाएगा।


