शहर के अर्बन एस्टेट स्थित फेज-2 की 66 फीट रोड पर नए गोलोक धाम का निर्माण होगा। शनिवार को इसकी नींव रखी गई। 61 मरले में इस गोलोक धाम का निर्माण किया जाएगा। 2026 के अंत तक इसके पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। खास बात ये है कि पूरा निर्माण प्रभु भक्तों के दान से करवाया जाएगा। परिसर में गायों को चारा खिलाने के साथ ही भक्तों को शिव परिवार और राधा-कृष्ण जी के स्वरूपों के दर्शन करने का भी सौभाग्य मिलेगा। इसके अलावा भगवान श्री कृष्ण जी की स्तुति करने के लिए यज्ञशाला का निर्माण भी किया जाएगा। सार्वभौम संस्थानम् जालंधर इसका निर्माण कार्य करा रही है। प्रबंधकों ने बताया कि पवित्र धाम में वृंदावन धाम के साक्षात दर्शन होंगे। यह संस्थानम् जालंधर एक धार्मिक संस्था है, जो निस्वार्थ रूप से लोगों को धर्म के साथ जोड़ने का प्रयास कर रही है। शास्त्रों में कई लोकों के बारे में बताया गया है, जैसे ब्रह्म लोक, नाग लोक, पाताल लोक आदि, लेकिन उन सारे लोकों में जिसका सबसे सुंदर और अनोखा वर्णन मिलता है, वो गोलोक है। श्रीकृष्ण की भांति ही गोलोक की सुंदरता भी मोहित कर देने वाली है। सार्वभौम संस्थानम् जालंधर के संस्थापक पं. विनय शास्त्री हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के निवासी पं. शास्त्री साल 1996 में 20 साल की उम्र में ही जालंधर आ गए थे।तब से 2025 तक वे अर्बन अस्टेट फेस-2 स्थित श्री गीता मंदिर में मुख्य पुजारी रहे। उन्होंने बताया िक अब उस्मानपुर स्थित जालंधर हाइट्स-1 के पीछे साउथ सिटी के पास गोलोक धाम के रूप में निर्माणकार्य जारी है। इस गोलोक धाम को वंृदावन, साकेत, परम स्थान, सनातन आकाश, परम लोक या बैकुंठ भी कहा जाता है। सांसारिक मोह-माया से परे इस धाम को प्रेम और भक्ति का धाम भी कहा जाता है। यह लोक स्वयं कृष्ण की भांति ही अनंत है। कुछ ऐसा बनेगा गोलोक धाम।


