जवाई ने मेवाड़ से 55 फीसदी पानी जुटाकर 61 प्रतिशत जालोर की ओर नदी में बहा दिया

उदय वीर सिंह राजपुरोहित| पाली मारवाड़-गोडवाड़ का प्रमुख जलस्रोत जवाई बांध यूं ही लाइफ लाइन नहीं कहा जाता है। लबालब चल रहे जवाई बांध ने इस बार मेवाड़ से 55% पानी लेकर 61% पानी जवाई नदी के माध्यम से जालोर की ओर बहा दिया। आंकड़ों में कहें तो 4477 एमसीएफटी पानी जवाई नदी में बहा दिया। जवाई बांध को उदयपुर जिले में स्थित सेई बांध से 3966 एमसीएफटी ​पानी मिला है अब तक। मानसून की मेहर की बात करें तो जवाई बांध कैचमेंट में इस बार 880 और सेई बांध कैचमेंट में 1044 एमएम हुई है। बता दें कि जवाई बांध की कुल भराव क्षमता 7327 एमसीएफटी है। इस बार तो 7 जुलाई से ही सेई बांध से जवाई बांध में पानी की आवक शुरू कर दी जो लगातार जारी है। जवाई बांध 6 सितंबर से ओवरफ्लो है। अभी तो सेई बांध से जवाई बांध में 1300 एमसीएफटी पानी आएगा। यानी अभी कुछ दिनों तक और जवाई बांध ओवरफ्लो चलेगा। यानि जब तक किसानों को सिंचाई के लिए पानी देने के लिए नहर नहीं खोली जाती तब तक पानी गेट चालू रहेंगे। दीपावली के बाद ही सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जा सकेगा। हालांकि अभी इसका फैसला होना है। दूसरी और जवाई बांध के पानी का बंटवारा हो चुका है, अब बारी खेतों तक पानी पहुंचने की है। इसके लिए कुल 234 किमी की नहरों की सफाई शुरू हो गई है। ऐसे में इन नहरों की सफाई के बाद पानी छोड़ा जाएगा। इसको लेकर भी बैठक होगी। एईएन अक्षय कुमावत ने बताया कि नहरों की सफाई का कार्य शुरू कर दिया है। जवाई बांध से 57 गांव की 38671 हेक्टेयर जमीन, जिसमें पाली जिले के 33 गांवों की 25825.40 व जालोर की 24 गांवों की 12845.60 हेक्टेयर जमीन सिंचित होती है। इस बार बारिश अच्छी होने से सभी डिमांड पूरी हो गई है। 2005 से लेकर 2025 तक सिर्फ दो बार ही 830 एमएम बारिश का आंकड़ा पार हुआ है। 2025 से पहले 2016 में इतनी ही बारिश हुई थी। इस बार औसत बारिश 508.10 एमएम के मुकाबले 61 फीसदी अधिक बारिश हुई। सोमवार को जिले में बारिश का अलर्ट भी है। ऐसे में हल्की बारिश होती है तो यह रिकॉर्ड भी टूट जाएगा। धनतेरस को खुलेंगी हेमावास बांध की नहरें हेमावास बांध के ओवरफ्लो होने के बाद अब बंटवारा हो चुका है। इसके साथ ही नहरों की सफाई भी जारी है। धनतेरस को 14 गांवों के सिंचाई के लिए नहर को खोला जाएगा। इससे पूरी चार पाण का पानी मिल सकेगा। जवाई बांध की भराव क्षमता बढ़ाने के लिए 1969 से 1978 तक सेई बांध योजना पर कार्य हुआ। सेई बांध से 6.77 किमी लंबी सुरंग के माध्यम से जवाई बांध में पानी आना शुुरू हुआ। 2006 के दौरान सेई बांध की ऊंचाई 8.25 मीटर से बढ़ाकर 10.93 मीटर की गई जिस से जवाई बांध को 516 एमसीएफटी अतिरिक्त पानी उपलब्ध हुआ। अभी सुरंग को गहरा करने का कार्य जारी है। जिसे और अधिक आवक बढ़ सकेगी। एईएन आंकाक्षा रावत ने बताया कि भी रोजाना 75 एमसीएफटी तक पानी छोड़ा जा रहा है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *