नवरात्रि से गतिमान हुआ उदयपुर का प्रॉपर्टी कारोबार दिसंबर तक रफ्तार पर रहेगा। मेवाड़-वागड़ सहित देश के विभिन्न राज्यों के सैकड़ों लोग शहर-पैराफेरी व उदयपुर से सटे राजसमंद जिले में भूमि, भवन, फ्लैट, रिसॉर्ट, होटल आदि की खरीदारी कर रहे हैं। नवरात्रि से दीपावली तक, फिर नवंबर-दिसंबर में प्रॉपर्टी खरीदारी के लिए एडवांस बुकिंग भी कराई जा रही है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि पिछले 5 साल से शहर के भीतर फ्लैट्स और शहर की परिधि व बाहरी इलाकों में जमीन की मांग का ट्रेंड चल रहा है। भुवाणा, प्रतापनगर, भूपालपुरा, हिरणमगरी (सेक्टर 3 से 6), सवीना, अंबामाता और सुखाड़िया सर्किल के 3 किमी दायरे में फ्लैट्स की बिक्री ज्यादा हो रही है। खुद की भूमि पर मकान बनाने वालों की पसंद बड़गांव, बलीचा, प्रतापनगर और रामपुरा चौराहा के आगे तक पहुंच गई है। बलीचा क्षेत्र में डूंगरपुर-बांसवाड़ा के खरीदार सक्रिय हैं। जबकि, प्रतापनगर से डबोक तक चित्तौड़-प्रतापगढ़ के लोगों की दिलचस्पी है। राजसमंद के खरीदारों का फोकस अंबेरी-सुखेर-भुवाणा क्षेत्र में अधिक है। वॉलसिटी के लोग शहर से सटे शोभागपुरा, रामपुरा, भुवाणा, बलीचा और बड़गांव क्षेत्र में फ्लैट्स खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। 9 माह में 61,459 रजिस्ट्रियां, 319.80 करोड़ रेवेन्यू साल 2025 में जनवरी से सितंबर तक 61,459 रजिस्ट्रियां हुईं यानी यानी रोजाना 228 हो रही हैं, जिससे सरकार को अभी तक 319.80 करोड़ रुपए की आय हो चुकी है। साल 2024 में 1,20,693 रजिस्ट्रियां हुईं, जिससे सरकार ने 560.68 करोड़ रुपए अर्जित किए, जबकि 2023 में 1,32,734 रजिस्ट्रियां हुईं और 542.03 करोड़ रुपए अर्जित किए। 2022 में कोरोना के बाद बाजार पूरी तरह खुला और रिकॉर्ड 1,43,715 रजिस्ट्रियां हुईं, जिससे सरकार ने 424.59 करोड़ रुपए अर्जित किए। 2021 में बाजार धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा था और 95,074 रजिस्ट्रियों से सरकार ने 386 करोड़ रुपए अर्जित किए। निवेशकों का दांव : कोड़ियात-उमरड़ा-चीरवा व रायता की जमीनें हैं डिमांड में
दो साल से मेवाड़ सहित बाहरी निवेशकों में चीरवा टनल से मोरिंगा वेली, एकलिंगनाथजी मंदिर के आस-पास की पहाड़ियों, नांदेश्वरजी, कोडियात से रायता हिल्स तक, उमरड़ा से 5 किमी आगे तक सहित शहर के चारों तरफ 35 किमी दूर तक पहाड़ों के बीच विला, रिसॉर्ट, होटल बनाने की होड़ सी मची हुई है।


