विकास की राह:सीएम मोहन यादव बोले- असम को देंगे घड़ियाल, मगरमच्छ, बदले में लेंगे गेंडा

मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को असम की राजधानी गुवाहाटी में पूर्वोत्तर राज्यों के उद्योग प्रतिनिधियों से व्यापारिक साझेदारी पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि फूड प्रोसेसिंग, पेट्रो केमिकल और नवकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाएं बनी हैं। डॉ. यादव ने कहा कि दोनों राज्य युवाओं, विश्वविद्यालयों और कलाकारों के बीच भी आपसी संबंध मजबूत करेंगे। असम सहित पूर्वोत्तर राज्यों के साथ सीधी बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि मप्र और असम में काफी समानताएं हैं। दोनों मिलकर कई सेक्टर में साझेदारी कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मप्र बिजली उत्पादन में तेजी से आगे बढ़ा है। विंड एनर्जी के अलावा जमीन के साथ पानी में भी सोलर प्लांट लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भोपाल से असम के बीच सीधी फ्लाइट को लेकर भी कोशिश होगी। मुख्यमंत्री ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा से भी मुलाकात करके आपसी संबंधों पर चर्चा की। मप्र देश का दिल, असम इकॉनोमिक गेटवे उद्योग प्रतिनिधियों ने सीएम से चर्चा में मप्र को देश का दिल तो असम को भारत का इकॉनोमिक गेटवे बताया। चेयरमैन जीईआरडी फार्मास्युटिकल्स डॉ. घनश्याम धनुका ने मप्र में फार्मास्युटिकल एवं हाइजीन उत्पाद निर्माण की स्थापना, लोहिया समूह ने प्रदेश में प्लास्टिक्स और पैकेजिंग इकाइयों, असम बंगाल नेविगेशन ने मप्र में नर्मदा, चंबल आदि प्रमुख नदियों पर ईको लॉज तथा बुटीक रिवर क्रूज और टाइगर रिजर्व और संरक्षित क्षेत्रों में सस्टेनेबल हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज के पायलट प्रोजेक्ट्स के प्रस्ताव रखे। ईको-रिजॉर्ट और सस्टेनेबल हॉस्पिटैलिटी, वन्यजीव पर्यटन – जल पर्यटन, सीमेंट प्लांट, ग्राइंडिंग यूनिट और लॉजिस्टिक्स हब, खाद्य प्रसंस्करण आदि पर भी निवेश प्रस्ताव मिले। कोशिश… मप्र के जंगलों में बाघ-गेंडे दोनों हों मुख्यमंत्री ने काजीरंगा नेशनल पार्क का दौरा किया। उन्होंने कहा कि यहां हाथी प्रबंधन अच्छा है। हमारे यहां भी 100 के लगभग हाथी हैं। यहां से प्रबंधन सीखेंगे। सीएम ने कहा कि मप्र-असम मिलकर वन्यजीव पर्यटन में एक-दूसरे को समृद्ध करेंगे। कोशिश यह होगी कि मप्र के जंगलों में बाघ के साथ असम के गेंडे भी घूमें फिरें। दोनों राज्य मिलकर इन वन्य जीवों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम असम को गौर, घड़ियाल और मगरमच्छ दे सकते हैं। और असम हमें गेंडा देकर हमारे वनों को समृद्ध कर सकता है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *