आबकारी विभाग की सख्ती रंग लाई:झुंझुनूं में 95% दुकानों ने भरी बकाया फीस, 6.83 करोड़ की आमदनी से सरकार के राजस्व में आई बड़ी राहत

आबकारी विभाग की सख्त कार्रवाई का असर जिलेभर में साफ दिखाई दिया। बकाया वार्षिक फीस जमा नहीं कराने पर निलंबन की कार्रवाई के बाद 95 प्रतिशत शराब ठेकेदारों ने तुरंत अपनी बकाया राशि जमा कर दी। इससे जिले से सरकार के राजस्व में 6 करोड़ 83 लाख रुपए की आमदनी हुई है। विभाग ने 30 सितंबर तक जिलेभर में बकाया राशि का आंकड़ा 7 करोड़ 24 लाख रुपए तक पहुंचने पर सख्ती बरती थी। इसके बाद जिला आबकारी अधिकारी रियाजुद्दीन उस्मानी ने 59 कंपोजिट दुकानों के लाइसेंस 1 अक्टूबर से 5 दिनों के लिए निलंबित कर दिए थे। जैसे ही यह आदेश जारी हुआ, ठेकेदारों में हड़कंप मच गया। अधिकांश अनुज्ञाधारियों ने विभागीय निलंबन से बचने और अपना व्यवसाय पुनः शुरू करने के लिए जल्दबाजी में फीस जमा कराई। परिणामस्वरूप 5 दिन के भीतर 95 प्रतिशत दुकानों की बकाया राशि जमा हो गई और सरकार को करोड़ों की राजस्व आमदनी हुई। विभाग की सख्त कार्रवाई बनी मिसाल झुंझुनूं जिला आबकारी अधिकारी रियाजुद्दीन उस्मानी ने बताया कि जिले में कुल 59 कंपोजिट दुकानें संचालित हैं, जिनकी वार्षिक फीस जमा न करने से राजस्व पर सीधा असर पड़ रहा था। विभाग ने इस बार सख्त कदम उठाते हुए 1 अक्टूबर से पांच दिनों के लिए इन सभी दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए। निलंबन के आदेश के साथ ही प्राधिकारियों और आबकारी निरीक्षकों को निर्देश दिए गए कि किसी भी स्थिति में इन दुकानों पर बिक्री नहीं होने दी जाए। विभागीय टीमों ने नवलगढ़, चिड़ावा और झुंझुनूं वृतों में लगातार निगरानी रखी। इससे ठेकेदारों पर दबाव बना और उन्होंने बकाया राशि जमा कराई। नवलगढ़ वृत में सबसे अधिक 26 दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए थे, वहीं चिड़ावा वृत में 17 और झुंझुनूं में 16 दुकानों पर कार्रवाई हुई। बकाया वसूली में मिली बड़ी सफलता कार्रवाई के बाद स्थिति यह रही कि जिले में लगभग सभी दुकानों की बकाया फीस वसूल हो गई। केवल कुछ दुकानों की राशि अब भी लंबित है, जिनके लिए 7 अक्टूबर तक का अंतिम अवसर दिया गया है। आबकारी अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई केवल बकाया वसूली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सभी अनुज्ञाधारियों को अनुशासन में लाने का एक संदेश भी है। उन्होंने बताया कि कुछ ठेकेदार लगातार फीस जमा करने में देरी कर रहे थे, जिससे न केवल विभागीय लक्ष्यों पर असर पड़ रहा था बल्कि सरकार के राजस्व को भी नुकसान हो रहा था। ऐसे में निलंबन का निर्णय आवश्यक था, जो पूरी तरह सफल रहा। राजस्व में आई तेजी 6 करोड़ 83 लाख रुपए की वसूली से सरकार के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। विभाग के अनुसार आज शाम तक शेष दुकानों से भी फीस जमा हो जाने की संभावना है, जिससे यह आंकड़ा 7 करोड़ रुपये के पार जा सकता है। इस वसूली के साथ झुंझुनूं जिला आबकारी विभाग ने पूरे राज्य में बकाया वसूली के मामले में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।

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