SMS अग्निकांड:बेटा बोला- मेरी मां अंदर है लेकर ही जाऊंगा:जबरन दरवाजा खोलकर घुसा शेरू, बेड समेत मां को लेकर भागा; स्टाफ पर लापरवाही का आरोप

जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल अग्निकांड में 8 लोगों की मौत हो गई। इनमें भरतपुर के 3 लोग रुकमणि (गोपालगढ़), कुषमा देवी (हजीतर) और श्रीनाथ (बयाना) भी थे। दैनिक भास्कर टीम हादसे में जान गंवाने वाली रुकमणि (56) के घर पहुंची। रुकमणि के देवर बलवीर सिंह ने बताया- भतीजे शेरू (रुकमणि का बेटा) ने पहले ही SMS हॉस्पिटल स्टाफ को बता दिया था कि कुछ बदबू आ रही है। नर्सिंग स्टाफ से बोला कि ट्रॉमा सेंटर में धुआं उठ रहा है। कहीं आग तो नहीं लगी। जरा चेक कर लो। इसके बाद भी स्टाफ ने कोई ध्यान नहीं दिया। इसके कुछ देर बाद लोग ट्रॉमा सेंटर से भागने लगे। शेरू मां को बचाने के लिए ट्रॉमा सेंटर में जबरन घुसा और बेड समेत मां को बाहर लेकर दौड़ा। इस दौरान उसकी भी तबीयत बिगड़ गई। शेरू और उसका छोटा भाई जोगेंद्र अपनी मां का दिन-रात ख्याल रखते थे। उन्हें बस यही दुख है कि वे दोनों मां को नहीं बचा सके। देवर बलवीर का आरोप है कि जैसे ही ट्रॉमा सेंटर में धुआं भरा, अस्पताल का स्टाफ भाग निकला। गार्ड ने अंदर जाने से रोकने की कोशिश की तो शेरू बोला कि ऐसे कैसे भाग जाऊं। मेरी मां है, उन्हें लेकर जाऊंगा। शेरू ने गेट जबरन खुलवाया और अंदर घुसा। इसके बाद मां के चेहरे पर लगा ऑक्सीजन का मास्क हटाया और बाहर लेकर भागा। लेकिन, उसे बचा नहीं सका। रुकमणि बाथरूम में पैर फिसलने से गिर गई थीं। 15 दिन से SMS हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती थीं। पहले पढ़िए क्या है पूरा मामला…
जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो आईसीयू वार्ड में रविवार रात 11:20 बजे आग लग गई थी। हादसे में 8 मरीजों की मौत हो गई। इनमें 3 महिलाएं भी थीं। स्टोर में पेपर, आईसीयू का सामान और ब्लड सैंपल ट्यूब भी रखे थे। ट्रॉमा सेंटर के नोडल ऑफिसर और सीनियर डॉक्टर ने बताया कि शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है। हादसे के समय आईसीयू में 11 मरीज थे। उसके बगल वाले आईसीयू में 13 मरीज थे। वहीं, इस अग्निकांड की जांच के लिए शासन स्तर पर 6 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। अब पढ़िए ट्रॉमा सेंटर में हुए हादसे की कहानी परिजनों की जुबानी… 15 दिन पहले घर में गिरी थी
रुकमणि के पति बच्चू सिंह ने बताया कि पत्नी 15 दिन पहले घर में फिसलने से गिर गई थी। उसे कमर और सिर में चोट आई थी। पहले तो उन्हें भरतपुर के RBM हॉस्पिटल लेकर गए। जहां से उन्हें जयपुर के SMS हॉस्पिटल में रेफर कर दिया। यहां वह ट्रॉमा सेंटर में एडमिट थी। आरोप- नर्सिंगकर्मियों ने रोका बच्चू सिंह ने बताया- मेरा बड़ा बेटा शेरू अपने छोटे भाई जोगेंदर को बुलाने के लिए गया। वह SMS अस्पताल में नीचे सो रहा था। जब दोनों भाई ट्रॉमा सेंटर के बाहर आए तो, नर्सिंगकर्मियों ने उसे अंदर आने से रोक दिया। बच्चू सिंह ने आरोप लगाया कि आग लगते ही सारा स्टाफ वहां से फरार हो गया था। सभी मरीज ट्रॉमा सेंटर के अंदर ही पड़े रह गए। गार्ड्स ने ट्रॉमा सेंटर का गेट बंद कर दिया था। इसके बाद शेरू जबरन गेट खोलकर ट्रॉमा सेंटर के अंदर गया। रुकमणि के ऑक्सीजन लगी हुई थी। शेरू ने ऑक्सीजन हटाई और बेड के साथ उन्हें बाहर लेकर आया था। जहरीली गैस के कारण शेरू भी बीमार पड़ गया। हालांकि वह अपनी मां को नहीं बचा सका। रुकमणि के देवर बलवीर ने बताया की मेरे बड़े भाई बच्चू सिंह के पैर खराब हैं। रुक्मणी ही घर संभाल रही थी। मेरे भतीजे शेरू ने अस्पताल प्रशासन से कहा था की कहीं से धुआं आ रहा है। उसके बाद नर्सिंग कर्मियों ने नहीं सुना। कुछ देर में आग बढ़ गई। — हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़े… परिजनों का दावा – जलते मरीजों को छोड़कर भागा स्टाफ:20 मिनट पहले ही बताया था आग लगी; किसी का मुंह जला, किसी ने दम घुटने से तोड़ा दम एसएमएस हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर में रविवार देर रात 11.30 बजे लगी आग में 8 लोगों की जलने और दम घुटने से मौत हो गई। कुछ लोग घायल भी बताए जा रहे हैं। इस बीच अपनों को तड़पते हुए मरते देखने वाले परिवार की कहानियां और भी खतरनाक हैं, भास्कर ने ऐसे ही परिवारों से बात की। (पढ़ें पूरी खबर) जयपुर के SMS हॉस्पिटल में आग, 8 मरीजों की मौत:ट्रॉमा सेंटर के ICU में देर रात हुआ हादसा, 6 सदस्यीय कमेटी जांच करेगी जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में रविवार देर रात आग लग गई। हादसे में 8 मरीजों की मौत हो गई। इनमें 3 महिलाएं शामिल हैं। रात 11 बजकर 20 मिनट पर यह आग ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो आईसीयू वार्ड के स्टोर में लगी। यहां पेपर, आईसीयू का सामान और ब्लड सैंपलर ट्यूब रखे थे। (पढ़ें पूरी खबर) 8 जान लेने वाली SMS-अस्पताल की आग 12 तस्वीरों में:जान बचाने के लिए ICU के मरीजों को सड़क पर रखना पड़ा, खुद परिजन लेकर भागे जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में रविवार देर रात आग लगने से 8 मरीजों की मौत हो गई। रात करीब 11:20 बजे ट्रॉमा सेंटर में आग लगी। इसके बाद परिजन मरीजों को लेकर भागने लगे। (पढ़ें पूरी खबर)

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