शहर के बाजारों में निराश्रित पशुओं का जमावड़ा लगा हुआ है। ग्रेटर और हेरिटेज निगम के अधिकारी निराश्रित गोवंश को पकड़ने में फेल साबित हो रहे हैं। हालात यह है कि निगम अधिकारियों की मिलीभगत से शहर में 50 से अधिक अवैध पशु डेयरियों का संचालन हो रहा हैं। इसमें से कुछ अवैध पशु डेयरी शहर के बीचोंबीच चल रही है, लेकिन अधिकारी आंखें मूंदकर बैठे हैं। इन अवैध पशु डेयरियों की वजह से सड़कों पर निराश्रित गाये विचरण करती रहती है। दीपावली सीजन शुरू हो गया है। बाजारों में खरीदारों की भीड़ है और बेसहारा गोवंश की वजह से हादसा हो सकता है। परकोटे के बाजारों में गायों के झुंड सड़कों पर घूमते रहते हैं। पहले ही लीक हो जाती है कार्रवाई की सूचना नगर निगम के अधिकारी गुपचुप तरीके से अवैध पशु डेयरियों पर कार्रवाई की प्लानिंग करते हैं। इससे पहले ही अवैध पशु डेयरी संचालकों के पास सूचना पहुंच जाती है। इस कारण उच्चाधिकारियों की प्लानिंग फेल हो जाती है। कुछ निगम कर्मचारियों की भी इन डेयरी संचालकों के साथ मिलीभगत होने की बात सामने आई हैं। 20 दिन पहले निगम अधिकारियों ने चौगान स्टेडियम के पास अवैध पशु डेयरी को हटाने के लिए प्लानिंग की थी, मगर सूचना लीक होने के कारण कार्रवाई से पहले ही संचालक ने गायों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया। यहां करीब 10 वर्षों से अवैध पशु डेयरी का संचालन हो रहा है। क्षेत्र में दिनभर 100 से अधिक गायें घूमती रहती हैं। गोविंददेवजी मंदिर के आसपास के क्षेत्र सहित गलियों में गोवंश का जमावड़ा रहता है। इस कारण कई वाहन चालक भी हादसे का शिकार हो चुके हैं। इसके बावजूद निगम इन गोवंश को पकड़ने की कार्रवाई नहीं कर रहा। शहर में इन जगहों पर चल रहीं अवैध पशु डेयरियां शहर में अवैध पशु डेयरियों का संचालन चारदीवारी की पुरानी बस्ती, ब्रह्मपुरी, चांदपोल, एमआई रोड, चौगान स्टेडियम, रामगंज, घाटगेट, ट्रांसपोर्ट नगर मोती डूंगरी रोड पर हो रहा है। इसके अलावा कालवाड़, सिरसी, निवारू रोड और सांगानेर-प्रताप नगर में भी अवैध पशु डेयरियां चल रही। पॉश इलाकों टोंक रोड, मालवीय नगर, गोपालपुरा, राजापार्क, सी-स्कीम, मानसरोवर, वैशाली नगर में भी यही हालात हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से संचालकों के हौंसले बुलंद हैं। अभियान के नाम पर हो रही सिर्फ खानापूर्ति


