विशेषज्ञों की राय और अच्छा करने वालों से सीख ली जाए तो खेती कभी घाटे का सौदा नहीं हो सकती। जयपुर जिले के डाबला खुर्द निवासी किसान विनोद पूनिया ने इसे साबित कर दिखाया है। न सिर्फ बंजर जमीन को उपजाऊ बनाया बल्कि पशुपालन को भी अच्छी आय का जरिया बनाया है। किसान पूनिया ने बताया, एग्रीकल्चर से बीएससी करने के बाद नौकरी करने के बजाय 2018 में मैंने खेती संभालने का निर्णय लिया। इससे पहले खेत बंटाई पर दिया हुआ था। खुद के पशु हों तो खेती ज्यादा फायदेमंद होती है, इसलिए गाय-भैंसें खरीदी। पहले दूध और उसके बाद घी, छाछ, दही बेचने लगा। खुद की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट तक लगाई। पिता गणपत पूनिया ने मेरे नवाचारों को देखा तो अजमेर के पुष्कर में कुछ जमीन खरीदी। यह बंजर थी, तो मैंने इसे उपजाऊ बनाने की ठानी। डाबला खुर्द में गोमूत्र को व्यर्थ बहने से रोकने के लिए पशुओं के ठान नालियां बनवाई। ट्रेंच बनाकर गोबर को इकट्ठा करना शुरू किया। इस एकत्र गोबर और गोमूत्र को पुष्कर वाले खेत में ले जाकर डालना शुरू किया। बाद में पुष्कर में ही 50 पशु रख लिए। पशुओं का मूत्र ठान से पक्की नालियों के जरिए हौद में जोड़ रखा है। फार्म पौंड में पानी के साथ पशुओं का मूत्र मिल जाता है। इसे सिंचाई से पहले फिल्टर करने की मशीन भी लगवा रखी है। समय-समय पर जिप्सम भी डलवाया। पूनिया ने बताया, लगातार ऐसा करने से पुष्कर में बंजर जमीन इतनी उपजाऊ हो गई कि वहां बागवानी कर रहे हैं। यहां आम, ताइवानी खजूर, बादाम, नींबू, बील, करौंदा, लेसवा, जामुन, आंवला के करीब 2700 पेड़ लगा रखे हैं। करौंदा, बील को मेड़ों पर बो रखा है। दूसरे पेड़ खेत के अंदर ऐसे बो रखे हैं कि मौसम के अनुसार मटर, बाजरा, मूंगफली, मोठ, उड़द की खेती भी हो जाती है। आंवले में कोई रोग नहीं लगता इसलिए यह ज्यादा फायदा दे रहा है। साल में दो बार प्रत्येक पेड़ को 500 ग्राम केंचुआ वाली खाद देते हैं। गोबर-गोमूत्र के उपयोग के चलते पेड़ों में बाहर के खाद या कैमिकल की जरूरत नहीं पड़ती। आम में सफेद लट, पत्तियों पर काला धब्बा रोग का निदान करने के लिए मेड़ पर गोबर के उपले जलाकर धुआं करते हैं। छोटे रोग इन्हीं से रुक जाते हैं। फलदार पेड़ों को इस तरह लगाया कि बीच-बीच में दूसरी फसलें भी उग जाएं, पशुपालन से आमद कई गुणा बढ़ाई आप भी किसान हैं और खेती में ऐसे नवाचार किए हैं जो सभी किसान भाइयों के लिए उपयोगी हैं, तो डिटेल व फोटो-वीडियो हमें अपने नाम-पते के साथ 9509056878 पर सिर्फ वॉट्सएप करें। ध्यान रखें, ये नवाचार किसी भी मीडिया में न आए हों।


