मुरैना पूर्व मंत्री और बीएसपी के वरिष्ठ नेता रुस्तम सिंह क्या फिर बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। रविवार शाम निकले आरएसएस के पथ संचलन में पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह उनका बेटा राकेश सिंह पुलिस परेड ग्राउंड में नजर आए। कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर लोगों में इसकी चर्चा हो रही है। आरएसएस पथ संचालन में बेटे संग पहुंचे
पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह और उनका बेटा राकेश रुस्तम सिंह दोनों पुलिस परेड ग्राउंड में आरएसएस के पथ संचलन कार्यक्रम में देखे गए दोनों पूरे कार्यक्रम तक रुके रहे। पूर्व मंत्री का अपने बेटे के साथ फिर से आरएसएस के कार्यक्रम में पहुंचना और पूरा समय देना लोगो के बीच चर्चा का विषय बन गया। सभी के जुबान पर यही एक सवाल था कि रुस्तम सिंह क्या फिर भाजपा में शामिल होंगे। विधान सभा चुनाव में बीएसपी में हुए शामिल पूर्व रुस्तम सिंह पहले से ही भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे है लेकिन विधान सभा चुनाव वर्ष 2023 में उनके बड़े बेटे राकेश रुस्तम सिंह ने भाजपा से मुरैना विधान सभा के लिए टिकट मांगा था लेकिन भाजपा ने सिंधिया समर्थक रघुराज कंसाना को टिकट दिया। नाराज राकेश रुस्तम सिंह बीएसपी के टिकट पर चुनाव में उतर गए। इस कारण पूर्व रुस्तम सिंह को भी बीएसपी में जाना पड़ा। पूर्व आईपीएस अधिकारी रहे
रुस्तम सिंह पूर्व आईपीएस अधिकारी रहे हैं। पुलिस सेवा के बाद उन्होंने पहली बार वर्ष 2003 में भाजपा के टिकट पर मुरैना से चुनाव लड़ा और जीते भी थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री उमा भारती ने उन्हें अपनी कैबिनेट में शामिल किया था। इसके बाद वह लगातार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े। 2008 में चुनाव हारने के बाज 2013 में जीत दर्ज की। हालांकि 2018 में उन्हें फिर हार का सामना करना पड़ा। आरएसएस से पुराना नाता
पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह ने भाजपा में शामिल होने के सवाल पर हंसते हुए कहा आरएसएस से हमारा पुराना नाता है इसलिए चले गए।


