कटनी में ओबीसी महासभा की इकाई ने सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय तक शक्ति प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें समान अधिकार, सामाजिक सुरक्षा और संवैधानिक संरक्षण की मांग की गई। इस दौरान कथित एडवोकेट अनिल मिश्रा के डॉ. भीमराव अंबेडकर के खिलाफ दिए गए बयान के विरोध में उनका पुतला भी फूंका गया। ज्ञापन में पिछड़ा वर्ग अत्याचार निरोधक अधिनियम’ के गठन, आरक्षण पर लगे प्रतिबंध को हटाने और देशव्यापी जातिगत जनगणना कराने की मुख्य मांगें शामिल थीं। ओबीसी महासभा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राकेश सिंह लोधी ने बताया कि संविधान लागू होने के 75 वर्ष बाद भी ओबीसी वर्ग को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने समाज में वैमनस्यता फैलाने वाले तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। लोधी ने कहा कि यह लड़ाई केवल आरक्षण की नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और संविधान की मूल भावना को सशक्त करने की है। ओबीसी महासभा ने संयुक्त कलेक्टर जितेंद्र पटेल को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने राष्ट्रपति से इन मांगों पर त्वरित संज्ञान लेने और आवश्यक वैधानिक एवं नीतिगत कदम उठाने का आग्रह किया।


