हरदा में किसान आक्रोश मोर्चा ने सोमवार को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। इसमें खराब हुई फसलों के लिए राहत राशि और सोयाबीन-मक्का को समर्थन मूल्य पर खरीदने की मांग की गई। एक किसान रवि सीजन की बुवाई के लिए गहने गिरवी रखने की पेशकश के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचा। किसान आनंद कालीराणा ने बताया कि लगातार बारिश से सोयाबीन और मक्का की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। उनके पास आगामी रवि सीजन की बुवाई के लिए नकदी की व्यवस्था नहीं है, इसलिए वे अपने घर से गहने लेकर आए हैं ताकि उन्हें गिरवी रखकर पैसों का इंतजाम कर सकें। किसान आक्रोश मोर्चा से जुड़े शैलेंद्र वर्मा ने कहा कि वर्तमान में मौसम और शासन की नीतियों के कारण किसानों के सामने कई समस्याएं हैं। उन्होंने बताया कि जिले की सौ से अधिक पंचायतों में ग्राम सभाओं के माध्यम से प्रस्ताव पारित किए गए हैं, जिनकी प्रतियां आज एसडीएम को सौंपी गई हैं। ज्ञापन में प्रमुख मांगों में अतिवृष्टि से सोयाबीन और मक्का की फसल को हुए 70-80 फीसदी से अधिक नुकसान के लिए तत्काल मुआवजा और बीमा राशि किसानों के खातों में डालने की मांग शामिल है। ग्राम सभाओं में 2 अक्टूबर को पारित प्रस्तावों का हवाला देते हुए, सरकार से RBC 6(4) नियम के तहत किसानों को शीघ्र सहायता प्रदान करने का आग्रह किया गया है, क्योंकि उनकी आर्थिक स्थिति दयनीय है और उनके पास आगामी रवि सीजन के लिए खाद-बीज की व्यवस्था नहीं है। मोर्चा ने सोयाबीन और मक्का की फसल को समर्थन मूल्य पर खरीदने की भी मांग की। उन्होंने पूर्व में भावांतर योजना के अंतर्गत 2017-18 में खरीदी गई सोयाबीन की उपज की बकाया भावांतर राशि भी तत्काल किसानों के खातों में डालने की अपील की। इसके अतिरिक्त, आगामी रवि सीजन के लिए पर्याप्त डीएपी, यूरिया और एनपीके खाद की तत्काल व्यवस्था और किसानों को सुगमता से उपलब्ध कराने की मांग की गई। इस दौरान रामनिवास जाट, अशोक खोदरे, शांती जैसानी, आशीष राजपूत, शरद विश्नोई, रजत विश्नोई, दिलीप जाट, पवन जाट, नवीन बांके, गितांशू पाटिल आदि किसान मौजूद रहे।


