हनुमानगढ़ में अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले किसानों ने सोमवार को कृषि उपज मंडी समिति ऑफिस में विरोध प्रदर्शन किया। वे धान, मूंग और नरमा सहित अन्य कृषि जिन्सों की सरकारी खरीद की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने ऑफिस का गेट बंद कर दिया और अंदर बैठकर सक्षम अधिकारी से बातचीत की मांग की। तहसील संयोजक ओम स्वामी ने बताया कि किसानों ने दो दिन पहले भी अधिकारियों को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा था। उस समय अधिकारियों ने नरमा खरीद के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने का दावा किया था, लेकिन ई-मित्र पर यह प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हुई है। अधिकारियों ने धान की सरकारी खरीद को सरकार के स्तर का मामला बताया। किसानों ने अधिकारियों पर आरोप लगाया कि उनका रवैया सही नहीं है और वे किसानों की बात नहीं सुनना चाहते। उन्होंने कहा कि कृषि उपज मंडी समिति सचिव अक्सर अपने कार्यालय में नहीं मिलते, और मिलने पर भी किसानों का काम नहीं होता। नरमा खरीद संबंधी सूचना बोर्ड भी कार्यालय के अंदर लगाए गए हैं, बाहर नहीं, जिससे किसानों को जानकारी नहीं मिल पाती। किसानों ने यह भी बताया कि सरकार ने एक ऐप लॉन्च किया है, जिससे किसान खुद गिरदावरी और पंजीकरण कर सकें। उनका आरोप है कि ऐसा कर्मचारियों की नियुक्ति से बचने के लिए किया गया है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। अखिल भारतीय किसान सभा ने चेतावनी दी है कि यदि अगले दो-तीन दिनों में उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आंदोलन तेज करेंगे। जरूरत पड़ने पर सड़क जाम भी की जाएगी। इस मौके पर ग्राम पंचायत प्रशासक बलदेव सिंह, सुभाष गोदारा, बीएस पेंटर और अन्य किसान प्रतिनिधि मौजूद थे।


