कोविड-19 महामारी ने न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था को हिला दिया बल्कि छोटे व्यापारियों की आजीविका पर भी गहरा असर डाला। बूंदी शहर के किराना व्यवसायी भंवर सिंह भी उनमें से एक थे, जिनकी दुकान महामारी के दौरान बंद हो गई और घर का खर्च चलाना बेहद मुश्किल हो गया। भंवर सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना उनके लिए जीवनरेखा साबित हुई। योजना के तहत मिले पहले ऋण से उन्होंने हिम्मत जुटाकर अपनी दुकान को फिर से शुरू किया। धीरे-धीरे ग्राहकों का विश्वास लौटा और कारोबार रफ्तार पकड़ने लगा। डिजिटल पेमेंट से बढ़ी ग्राहकों की संख्या जिला परियोजना अधिकारी शालिनी जैन ने भंवर सिंह को डिजिटल पेमेंट की जानकारी और प्रशिक्षण दिया। इससे ग्राहक ऑनलाइन भुगतान करने लगे, जिससे दुकान पर आने वालों की संख्या में वृद्धि हुई और कारोबार और भी मजबूत हुआ। अब विस्तार की ओर बढ़ते कदम पहले ऋण से मिली मदद और बढ़े आत्मविश्वास के बाद भंवर सिंह ने हाल ही में ‘शहरी सेवा शिविर’ में हिस्सा लिया और 25 हजार रुपये के दूसरे ऋण के लिए आवेदन किया है। उनका लक्ष्य अपनी दुकान का और विस्तार कर ग्राहकों को बेहतर सुविधा देना है। भंवर सिंह भावुक होकर कहा- पीएम स्वनिधि योजना ने न सिर्फ मुझे आर्थिक रूप से संभाला बल्कि आत्मनिर्भरता की राह भी दिखाई। मैं केन्द्र व राज्य सरकार का दिल से आभारी हूं, जिनकी मदद से मैं आज सम्मानपूर्वक जीवन जी रहा हूं।


