इंदौर में सोमवार को भाजपा पार्षद दल की बैठक में लव जिहाद फंडिंग के मामले में उलझे पार्षद अनवर कादरी को हटाने का प्रस्ताव पास हो गया है। पिछली महापौर परिषद की बैठक में यह तय हुआ था कि तमाम पार्षदों की मौजूदगी में प्रस्ताव लाया जाएगा। भाजपा कार्यालय पर बैठक रखी गई जिसमें नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा और महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित सभी पार्षद उपस्थित थे। बैठक में यह तय हो गया है कि नगर निगम से पार्षद कादरी की रवानगी हो जाएगी। इंदौर नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने बताया कि आगामी नगर निगम सम्मेलन को लेकर निगम पार्षद दल की बैठक बीजेपी कार्यालय में हुई थी। बैठक में हमने सभी पार्षदों को व्हिप जारी किया है कि निगम सम्मेलन के दिन सभी की उपस्थिति अनिवार्य है, क्योंकि सम्मेलन उस दिन एक इतिहास दर्ज करने जा रही है। मुझे लगता है कि इंदौर के इतिहास में पहली बार किसी पार्षद को बर्खास्त करने की कार्रवाई नगर निगम के सम्मेलन में होने जा रही है। पार्टी कार्यालय से सभी पार्षदों को यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि उस दिन अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना है, क्योंकि यह देश की महिलाओं के सम्मान से जुड़ा मामला है। मिश्रा ने आगे कहा कि लव जिहाद के लिए फंडिंग करने वाले और आपराधिक कृत्य करने वाले अपराधी को निगम परिषद में स्वीकार्य नहीं किया जाएगा। महापौर ने संभागायुक्त को लिखा था पत्र अनवर कादरी इंदौर के वार्ड नंबर 58 से कांग्रेस के पार्षद हैं। उनकी पार्षदी समाप्त करने की प्रक्रिया को जून माह से ही अमल में लाया जा रहा है। मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने 20 जून को संभागायुक्त दीपक सिंह को इस बारे में पत्र लिखा था। उन्होंने कादरी को पद से हटाने का अनुरोध किया था। महापौर ने अपने पत्र में बताया था कि अनवर कादरी के खिलाफ FIR दर्ज है और उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए उन्हें पद से हटाना जरूरी है। अनवर कादरी पर गंभीर आरोप पार्षद अनवर कादरी पर गंभीर आरोप लगे हैं। मामला जून माह का है, जब एक वीडियो सामने आया था, जिसमें दो युवकों ने हैरान करने वाला खुलासा किया था। उनका कहना था कि कादरी ने उन्हें पैसे दिए थे ताकि वे हिंदू महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन और वेश्यावृत्ति की ओर धकेलें। वीडियो वायरल होते ही हड़कंप मच गया था और पुलिस ने फौरन मामला दर्ज कर लिया था। अनवर कादरी पर रखा था 40 हजार का इनाम पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था और जांच के दौरान अनवर कादरी का नाम सामने आया था। कादरी तब फरार हो गए थे। पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए इंदौर, दिल्ली समेत कई शहरों में दबिश दी। उनकी गिरफ्तारी पर 40 हजार रुपए का इनाम रखा गया। इसी दौरान उनकी बेटी आयशा को भी गिरफ्तार किया गया, क्योंकि उस पर पिता को छिपाने में मदद करने का आरोप लगा था। बाद में उसे जमानत मिल गई। करीब तीन महीने फरार रहने के बाद 29 अगस्त को कादरी ने जिला अदालत में सरेंडर कर दिया था। घटनाक्रम से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें लव जिहाद में फंडिंग के आरोपी कादरी ने सरेंडर किया लव जिहाद फंडिंग मामले में तीन माह से फरार आरोपी पार्षद अनवर कादरी शुक्रवार को जिला कोर्ट में पेश हुआ। वह दाढ़ी-मूंछ कटवाकर यहां पहुंचा। पूरी खबर पढ़ें


