छिंदवाड़ा में स्वास्थ्य विभाग मेडिकल स्टोर पर की कार्रवाई:अपना मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त, कई गंभीर गड़बड़ियां आईं सामने

छिंदवाड़ा जिले के परासिया में बीते दिनों संदिग्ध सिरप सेवन के बाद बच्चों की लगातार हो रही मौतों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए औषधि प्रशासन विभाग ने स्थानीय मेसर्स अपना मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसका ड्रग लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमावली, 1945 के नियम 66(1) के अंतर्गत की गई है। निरीक्षण में सामने आई गंभीर लापरवाही
03 अक्टूबर 2025 को परासिया स्थित अपना मेडिकल स्टोर्स में औषधि निरीक्षक दल ने जांच की थी। इस दौरान टीम को कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं। सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि बच्चों की मौत से जुड़ी संदिग्ध दवा ‘कोल्डरीफ सिरप’ का विक्रय रिकॉर्ड अधूरा और अस्पष्ट पाया गया। दवा की खेप कहां से आई, कब बेची गई, और किसे वितरित की गई। इसका कोई स्पष्ट विवरण रजिस्टर में दर्ज नहीं था। जांच के समय रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवाओं का विक्रय किया जा रहा था, जो कि औषधि अधिनियम का सीधा उल्लंघन है।इतना ही नहीं, टीम ने जब दवाओं के विक्रय बिल मांगे, तो प्रतिष्ठान द्वारा कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। यह इस बात का संकेत था कि दवाओं की बिक्री बिना उचित बिलिंग और रिकॉर्ड के की जा रही थी। नोटिस जारी, पर जवाब नहीं मिला
इन सभी अनियमितताओं के आधार पर जिला औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी छिंदवाड़ा ने 04 अक्टूबर को स्टोर की प्रोपराइटर श्रीमती ज्योति सोनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि एक दिन के भीतर सभी बिंदुओं पर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें, अन्यथा अनुज्ञप्ति निरस्त कर दी जाएगी। लेकिन निर्धारित अवधि में प्रोपराइटर द्वारा कोई भी जवाब या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके बाद विभाग ने कठोर रुख अपनाते हुए मेसर्स अपना मेडिकल स्टोर्स की दोनों ड्रग अनुज्ञप्तियां (20/1842/51/24 और 21/1843/51/24) को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। दुकान से दवाओं की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध
आदेश के अनुसार, अब उक्त दुकान से किसी भी प्रकार की औषधि का क्रय-विक्रय पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा।विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि दुकान से आगे भी कोई दवा बिक्री की जाती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। तीन जिलों के ड्रग इंस्पेक्टरों की संयुक्त कार्रवाई
इस कार्रवाई को अजित कुमार जैन (छतरपुर), धर्म सिंह कुशवाहा (उज्जैन) और किरण कुमार (सीहोर) इन तीनों जिलों के अनुभवी ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया। विभाग का बयान: लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
ड्रग विभाग के अजित कुमार ने कहा कि परासिया में हुई बच्चों की मौतों के बाद जिलेभर के मेडिकल स्टोर्स की जांच अभियान तेज कर दी गई है।“दवाओं की आपूर्ति, भंडारण और बिक्री से जुड़ी किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी,” विभागीय अधिकारियों ने कहा। संदिग्ध सिरप से जुड़ा है मामला
गौरतलब है कि परासिया क्षेत्र में बीते एक माह के भीतर 11 बच्चों की मौत हो चुकी है। सभी बच्चों में समान लक्षण किडनी फैलियर, उल्टी-दस्त और पेशाब बंद होना पाए गए थे। स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ था कि इन बच्चों को कोल्ड्रिफ सिरप नामक दवा दी गई थी, जिसके सेवन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी।इसी सिरप के संबंध में जांच चल रही है, और अब उस दवा से जुड़ी बिक्री का रिकॉर्ड अधूरा मिलने पर यह बड़ी कार्रवाई की गई है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *