भिंड के मेहगांव में लोकायुक्त पुलिस ने सोमवार को रिश्वत लेते हुए पटवारी को रंगे हाथों पकड़ा है। पटवारी किसान से नाम संशोधन के एवज में 42 हजार की रिश्वत की मांग कर रहा था। इस मामले की शिकायत किसान ने ग्वालियर लोकायुक्त एसपी से की थी। लोकायुक्त टीम ने पटवारी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए जाल बुनाया। घूस की पहली किश्त 14 हजार रुपए लेते हुए पटवारी रंगे हाथों पकड़ा गया। नाम सुधार के बदले मांगे 42 हजार
जानकारी के मुताबिक मेहगांव के हल्का क्रमांक 30 सौंधा के पटवारी अमन शर्मा ने किसान संजय सिंह से रिश्वत की मांग की। दरअसल संजय के पारिवारिक बंटवारे के बाद नाम गलत अंकित हो गया था। इस नाम सुधार कराए जाने के लिए लंबे समय से संजय द्वारा पटवारी के चक्कर काटे जा रहे थे। लोकायुक्त एसपी ग्वालियर से की शिकायत
पटवारी नाम सुधार के काम को लेकर टालमटोली करता आ रहा था। जब बातचीत हुई तो उसने रिश्वत की मांग की। पटवारी द्वारा रिश्वत की मांग करने और खसरा में नाम सुधार न करने की शिकायत लोकायुक्त एसपी कार्यालय ग्वालियर में की। इस पर ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने मामले की पुष्टि किए जाने को लेकर टैप रिकार्डर दिया। जिसमें पटवारी और किसान के लेनदेन का सौदा तय होने की बात रिकॉर्ड हुई। सौदे के अनुसार पहली किश्त सोमवार को दिए जाने का वायदा तय हुआ। इस मामले में पूरी जानकारी लोकायुक्त पुलिस को दी गई। 14 हजार की पहली किश्त लेते रंगे हाथ धराए
लोकायुक्त डीएसपी विनोद कुशवाह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। इस टीम ने कलर लगे हुए रुपयों को शिकायत कर्ता को दिए। लोकायुक्त पुलिस मौके पर बिजली कंपनी के कर्मचारी बनकर इधर उधर घूमने लगे। जब किसान जनपद पंचायत पहुंचा। यहां पटवारी को 14 हजार की पहली किश्त देकर बाहर निकला। वैसे ही लोकायुक्त पुलिस को इशारा कर दिया। भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई
पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पटवारी को रंगे हाथों पकड़ लिया। पटवारी के हाथ धुलवाए गए। इसके बाद पटवारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में डीएसपी विनोद कुशवाह का कहना है कि पटवारी अमन शर्मा किसान से 42 हजार रुपए की मांग कर रहा था। पहली किश्त में 14 हजार मांगे तभी उसे लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ लिया है। पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।


