बांके बिहारी ने मोर-बंशी और मुकुट पहना:शरद पूर्णिमा पर चांदी के चंद्र वाहन में विराजे रंगनाथ, श्री कृष्ण जन्मस्थान पर होगा महारास

शरद पूर्णिमा पर ब्रज में उत्सव का माहौल है। बांके बिहारी आज रासेश्वर स्वरूप में दर्शन दे रहे हैं। 2 लाख भक्त अद्भुत दृश्य को देखने ब्रज पहुंचे हैं। बांके बिहारी को मोर मुकुट, लकुटी और बांसुरियां अर्पित की जा रही है। मंदिर परिसर में ऐसी ध्वनि बज रही हैं, जो इस भक्तों को द्वापर युग में पहुंचा रही हैं। बांके बिहारी ने श्वेत वस्त्र पहने हैं। भगवान बांके बिहारी जगमोहन में चांदी के सिंहासन पर विराजमान हैं। उन्हें खीर और चंद्रकला का भोग लगाया गया है। मंदिर परिसर को सफेद रंग के कपड़े और गुब्बारे लगाकर सजावट की गई है। शरद पूर्णिमा पर भगवान बांके बिहारी जी को जगमोहन में उस स्थान पर विराजमान किया जाता है, जहां उनके सामने रखी खीर पर चंद्रमा की किरणें सीधे पड़ती हैं। इसी प्रसाद को भक्तों को दिया जाता है। शरद पूर्णिमा के दिन ही भगवान ने 16108 गोपियों के साथ महारास किया था। वहीं, गोवर्धन पर्वत को 56 भोग अर्पित किया जा रहा है। वहीं, रंगनाथ मंदिर में श्रीकृष्ण चांदी से बने चंद्र वाहन में विराजमान हैं। शरद पूर्णिमा के अवसर पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान में महारास के दर्शन कराए जाएंगे।
शरद पूर्णिमा से जुड़े कार्यक्रम की पल-पल की अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *