हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर सोमवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) ने जिलाध्यक्ष रोहित जावा के नेतृत्व में पुतला फूंक प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन राजस्थान विश्वविद्यालय में आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम के विरोध और एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ व उनके साथियों की गिरफ्तारी के खिलाफ किया गया। कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष रोहित जावा ने बताया कि राजस्थान विश्वविद्यालय में 30 सितंबर को शस्त्र पूजन का कार्यक्रम घोषित किया गया था, जो शिक्षण संस्थानों की मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ज्ञान, अध्ययन और शोध का केंद्र है, न कि धार्मिक या राजनीतिक विचारधारा के प्रचार का स्थल। एनएसयूआई ने इस कार्यक्रम का शांतिपूर्ण विरोध किया था। जावा ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा के दबाव में आकर राजस्थान पुलिस ने एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ सहित कई छात्रों पर बेबुनियाद और गंभीर धाराएं लगाकर उन्हें केंद्रीय जेल में बंद कर दिया है। उन्होंने इसे छात्रों की आवाज दबाने का असंवैधानिक प्रयास बताया। एनएसयूआई ने गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई की मांग की। जावा ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें शीघ्र रिहा नहीं किया गया, तो एनएसयूआई पूरे प्रदेश में आंदोलन को और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। इस अवसर पर पीलीबंगा विधायक विनोद गोठवाल ने कहा कि राजस्थान में शिक्षा संस्थानों को राजनीतिक लैब बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस विश्वविद्यालयों में अपना एजेंडा थोपने का प्रयास कर रहे हैं। पीसीसी सदस्य प्रेम राज नायक और पीसीसी सचिव मनीष गोदारा ने कहा कि विनोद जाखड़ जैसे छात्र नेता पर झूठे मुकदमे लगाना सरकार की बौखलाहट का परिणाम है। उन्होंने पुलिस की निष्पक्ष कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देने की बात कही। इस अवसर पर सेवा दल जिलाध्यक्ष अश्वनी पारीक, कृष्ण नेहरा, जयदेव भीदासरा, रामेश्वर चांवरिया, विकास रंगरा, रोहित स्वामी, वकील तंवर, हिदायत खान, परमजीत सिंह, असलम, दीपक सहित एनएसयूआई के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि एनएसयूआई हमेशा छात्र हितों की आवाज उठाती रही है और आगे भी अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। प्रदर्शन के अंत में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री से मांग की कि एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ व सभी साथियों को तुरंत रिहा किया जाए, अन्यथा जिला स्तर पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।


