भारतीय संस्कृति और कला का रंग बिखेरता ‘विरासत’ उत्सव:देशभर से 155 प्रतिभागियों ने किया प्रतिभा का प्रदर्शन, डांस, म्यूजिक और मोनो एक्टिंग रही खास

नई दिल्ली के सांस्कृतिक संस्था श्री नृत्यांजलि ने गिविंग हैंड्स वेलफेयर फाउंडेशन के तत्वावधान में जयपुर में विरासत – अखिल भारतीय नृत्य, संगीत एवं मोनो एक्टिंग प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया। यह आयोजन पिंक सिटी प्रेस क्लब में हुआ, जिसमें भारत के विभिन्न राज्यों मध्य प्रदेश, उड़ीसा, नई दिल्ली, गुजरात, असम, कर्नाटक, गोवा, बंगाल, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और गाजियाबाद से आए 155 कलाकारों ने अपनी कला से निर्णायकों और दर्शकों का मन मोह लिया। सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक चले इस सांस्कृतिक उत्सव में शास्त्रीय नृत्य कथक, भरतनाट्यम, ओडिसी, रवींद्र संगीत, लोक नृत्य, गायन, गिटार वादन और मोनो एक्टिंग जैसी विभिन्न विधाओं की प्रतियोगिताएं हुईं। पूरे दिन मंच भारतीय संस्कृति और विविधता के रंगों से सराबोर रहा। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में कथक गुरु ज्योति भारती गोस्वामी, जयपुर कथक केंद्र की सचिव श्रुति मिश्रा, और राजस्थान विश्वविद्यालय के संगीत विभाग की अध्यक्ष वंदना कल्ला सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। आयोजक डॉ. सुमिता दत्ता रॉय और संदीप रॉय ने बताया कि विरासत प्रतियोगिता का उद्देश्य भारतीय संस्कृति की जड़ों को मजबूत करना और युवाओं को मंच प्रदान करना है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता मथुरा-वृंदावन में आयोजित की जाएगी, जिसमें देशभर से करीब 500 कलाकार भाग लेंगे। कार्यक्रम के समापन पर विजेताओं को सम्मानित किया गया। सेंट एंजेला सोफिया स्कूल जयपुर, दिल्ली पब्लिक स्कूल गुजरात, और सेंट्रल अकादमी उदयपुर के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरस्कार जीते। इसके अलावा उदयपुर, ग्वालियर, गाजियाबाद और महाराष्ट्र से आई प्रतिभाओं ने भी सफलता हासिल की। समापन सत्र में जयपुर के प्रसिद्ध म्यूजिक थेरेपिस्ट धर्मवीर भाटिया और डॉ. रागिनी ईश्वर ने दर्शकों के लिए एक विशेष म्यूजिक थेरेपी सेशन प्रस्तुत किया, जिसे सभी ने बेहद सराहा।

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