शहर में चेन स्नेचिंग की लगातार हो रही वारदातों के बीच चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शहर में पिछले दो माह में 6 महिलाओं से चेन स्नेचिंग की गई। इनमें एक महिला उपनिरीक्षक (एसआई) भी शामिल थीं। लेकिन, पुलिस ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए इस मामले को दबा दिया। न रिपोर्ट दर्ज की और न ही एसआई को अपना मुहं खोलने दिया। यही नहीं हिरणमगरी थाना पुलिस ने सोमवार को इन वारदातों में शामिल 6 आरोपियों को गिरफ्तार करने और एक नाबालिग को डिटेन करने का खुलासा किया। लेकिन, महिला एएसआई से चेन स्नेचिंग का जिक्र तक नहीं किया। महिला एएसआई से उदियापोल बस स्टैंड के पास वारदात हुई थी। पुलिस ने इस वारदात में शामिल सरगना सहित दो आरोपियों को फरार बताया है। लेकिन, भास्कर ने इन दोनों को ढूंढ निकाला है। ये दोनों अस्पताल में भर्ती है और अपना उपचार करवा रहे हैं। ये दोनों आरोपी रोशनजी की बाड़ी निवासी राजेश मीणा और डाकन कोटड़ा निवासी आरोपी महेंद्र मीणा है। राजेश ने सोमवार सुबह सवीना थाने में पेश होकर फिनाइल पी लिया था। पुलिस सुरक्षा के बीच उसका हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। ये ही गैंग का मुख्य आरोपी है। जबकि, महेंद्र का शहर के एक निजी हॉस्पिटल में पेट का ऑपरेशन हुआ है और वह वहीं भर्ती है। एसपी योगेश गोयल ने बताया कि चेन स्नेचिंग के मामले में छोटी उंदरी निवासी भैरूलाल मीणा, जितेंद्र मीणा उर्फ जीतू, सवीना के लालमगरी निवासी गोविंद मीणा, नेला निवासी सुनील सिंह, बारापाल निवासी सुनील मीणा और देबारी निवासी पुष्कर मीणा को गिरफ्तार किया। चेन स्नेचिंग की 2 माह में 6 वारदातें, 6 आरोपी पकड़े, 4 बाइकें जब्त गत 15 अगस्त की रात को सीए सर्किल पर पंजाब एंड सिंध बैंक के एटीएम में बदमाशों ने तोड़फोड़ कर लूटने का प्रयास किया था। इसमें भैरूलाल और फरार राजेश मीणा शामिल था। भैरूलाल 10 दिन बाद ही पकड़ा गया। राजेश फरार था। तब से पुलिस उसकी तलाश में थी। इस बीच उसने चेन स्नेचिंग की वारदातें भी कर दी। हिरणमगरी पुलिस भी राजेश को पकड़ने का प्रयास कर रही थी। उसे लगा कि एटीएम में तोड़फोड़ के मामले में सवीना पुलिस उसकी तलाश कर रही है। सोमवार सुबह 9 बजे वह सवीना थाना पहुंचा और पुलिस की मौजूदगी में फिनाइल पी लिया। पुलिस ने उसे तुरंत एमबी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। तबीयत में सुधार होने पर पुलिस मंगलवार को उसे गिरफ्तार करेगी। उधर, महेंद्र एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती है। पिछले माह उसकी गैंग के ही साथी से कहासुनी हुई थी। विवाद के बाद मारपीट हुई। इससे उसके पेट में अंदरूनी चोटें आईं। गत 22 सितंबर को उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया। जहां उसका ऑपरेशन हुआ है। वह अभी वहीं इलाजरत है।गत 15 अगस्त की रात को सीए सर्किल पर पंजाब एंड सिंध बैंक के एटीएम में बदमाशों ने तोड़फोड़ कर लूटने का प्रयास किया था। इसमें भैरूलाल और फरार राजेश मीणा शामिल था। भैरूलाल 10 दिन बाद ही पकड़ा गया। राजेश फरार था। तब से पुलिस उसकी तलाश में थी। इस बीच उसने चेन स्नेचिंग की वारदातें भी कर दी। हिरणमगरी पुलिस भी राजेश को पकड़ने का प्रयास कर रही थी। उसे लगा कि एटीएम में तोड़फोड़ के मामले में सवीना पुलिस उसकी तलाश कर रही है। सोमवार सुबह 9 बजे वह सवीना थाना पहुंचा और पुलिस की मौजूदगी में फिनाइल पी लिया। पुलिस ने उसे तुरंत एमबी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। तबीयत में सुधार होने पर पुलिस मंगलवार को उसे गिरफ्तार करेगी। उधर, महेंद्र एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती है। पिछले माह उसकी गैंग के ही साथी से कहासुनी हुई थी। विवाद के बाद मारपीट हुई। इससे उसके पेट में अंदरूनी चोटें आईं। गत 22 सितंबर को उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया। जहां उसका ऑपरेशन हुआ है। वह अभी वहीं इलाजरत है। ऐसे पकड़ा…टारगेट टीम बनी, पावर बाइकों से मिला सुराग
आरोपियों को पकड़ने के लिए हिरणमगरी थाने से सीआई भरत योगी के नेतृत्व में टीम गठित की गई। इसका नाम टारगेट टीम रखा गया। हेडकांस्टेबल राजेंद्र सिंह, भगवतीलाल, कांस्टेबल राजकुमार जाखड़, नंदकिशोर, किरेंद्र सिंह, हेमेंद्र, कल्पेश, विजय और प्रताप 15 दिन से शहर के मंदिरों, सुनसान सड़कों और पावर बाइक चालकों पर नजर रखे हुए थे। चेन स्नेचिंग की वारदातों में ऑरेंज रंग की बाइक का उपयोग किया गया था। इस बीच, टूटी नंबर प्लेटों की दो केटीएम बाइकों की गतिविधि संदिग्ध दिखी। पुलिस ने इनपर निगरानी रखी। आखिर पुलिस आरोपियों को पकड़े में कामयाब रही। घंटाघर में एक, सवीना और हिरणमगरी थाना क्षेत्र में दो-दो वारदातें सभी आरोपी आदतन अपराधी पकड़े गए सभी 6 आरोपियों और नाबालिग आदतन अपराधी हैं। इनपर जिले के विभिन्न थानों में चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट, डकैती की योजना बनाने, मारपीट, चेन स्नेचिंग कई केस दर्ज हैं। भैरूलाल पर 6, गोविंद पर 11, सुनील पर 6, जितेंद्र पर 9, सुनील मीणा पर 2, राजेश व महेंद्र पर 10-10 और नाबालिग के खिलाफ 5 मामले पुलिस में चल रहे हैं।


