इंदौर में सोयाबीन भावांतर धन्यवाद ट्रैक्टर रैली आज:दशहरा मैदान से कलेक्ट्रेट तक जाएगी रैली, किसान संघ-एमएसपी तय करने पर अड़ा; मार्ग रहेंगे डायवर्ट

इंदौर में आज बीजेपी समर्थित किसान सोयाबीन भावांतर धन्यवाद ट्रैक्टर रैली निकाल रहे हैं। यह रैली दशहरा मैदान से शुरू होकर कलेक्ट्रेट कार्यालय तक जाएगी। रैली के लिए किसान सुबह 11 बजे से दशहरा मैदान में इकटट्‌ठे होंगे। उधर, भारतीय किसान संघ भावांतर योजना का विरोध कर रहा है। संघ का कहना है कि इंदौर जिले की 2018 में प्याज की भावांतर राशि 29 करोड़ आज तक नहीं मिली है। बीजेपी जिला अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा ने बताया कि इस रैली का आयोजन किसानों ने खुद किया है, जबकि बीजेपी इसका समर्थन कर रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ता पूरे मार्ग पर किसानों का स्वागत करेंगे। पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व यातायात व्यवस्था के लिए पूरे मार्ग पर जवान तैनात किए हैं। शहरवासियों से अपील की गई है कि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें ताकि यातायात प्रभावित न हो। पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट किया प्रशासन ने रैली को देखते हुए सुबह 8 बजे से ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ दशहरा मैदान पर पहुंचेंगे। इसके बाद रैली उषा नगर चौराहा, महू नाका चौराहा, केसरबाग रोड मार्ग से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचेगी। इन मार्गों से आएंगे किसान मनोज पटेल 12 को निकलेंगे ट्रैक्टर रैली इंदौर के देपालपुर विधानसभा के बीजेपी विधायक मनोज पटेल भी सोयाबीन भावांतर आभार ट्रैक्टर रैली निकालेंगे। पटेल की रैली 12 अक्टूबर को निकलेगी। मनोज पटेल की रैली भी दशहरा मैदान से निकलेगी और कलेक्ट्रेट तक जाएगी। एमएसपी लागू कर सोयाबीन खरीदे सरकार किसान संघ के इंदौर नगराध्यक्ष दिलीप मुकाती ने बताया कि हमारा साल 2018 का अनुभव अच्छा नहीं था। तब 500 रुपए देने की बात कही थी, फिर इसे बोनस राशि बताया गया, लेकिन किसानों के खाते में यह राशि नहीं आई। मंडी में सोयाबीन 3300-4200 रुपए प्रति क्विंटल बिक रहा है। संघ की मांग है कि एमएसपी लागू की जाए और इस पर सोयाबीन की खरीदी की जाए। मुकाती ने कहा कि 2018 में प्याज की भावांतर राशि जिले में 29 करोड़ बकाया है, जो आज तक नहीं मिली है। सबसे बड़ी बात है कि भावांतर को अक्टूबर अंत में लागू करने की बात हो रही है, जब तक तो छोटे और मध्यम किसान पूरी सोयाबीन बेच चुके होंगे, क्योंकि उन्हें तो अभी अगली फसल के लिए राशि चाहिए और ना ही भंडारण की व्यवस्था है। इसे अभी लागू करना चाहिए। इंदौर में हर रोज 800-1000 वाहन सोयाबीन मंडियों में आ रहे हैं, बेच चुके किसानों को इसका कोई लाभ नहीं मिलेगा। शनिवार को बैठक में किया था विरोध इंदौर में शनिवार को कलेक्ट्रेट में बैठक हुई थी। इस बैठक में किसान संघ के प्रातांध्यक्ष लक्ष्मी नारायण पटेल, संभागाध्यक्ष कृष्ण पाल सिंह राठौर, इंदौर नगराध्यक्ष दिलीप मुकाती व अन्य पदाधिकारी थे। इसमें उन्होंने साफ कहा था कि भावांतर योजना फ्लाप है और इसका हमसे प्रचार-प्रसार मत कराइए। इसमें कई समस्याएं हैं, यदि यह ठीक हो सकती है तो ही इसका मतलब है। हम तो सीधे घोषित एमएसपी 5328 रुपए प्रति क्विंटल चाहते हैं।

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