मंगलवार को विजयपुर तहसील के ग्राम उमरीखुर्द और झंक्यापुर (नैनागढ़) के ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर संजय जैन को सौंपा। ग्रामीणों ने वन विभाग द्वारा अपनी पुश्तैनी कृषि भूमि पर खेती करने से रोके जाने का विरोध करते हुए तत्काल समाधान की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि उनकी कृषि योग्य भूमि हल्का नंबर 01 किशुनपुरा, ग्राम उमरीखुर्द और झंक्यापुर में स्थित है। यह भूमि वन मंडल श्योपुर पार्क की धौरेट रेंज के अंतर्गत आती है और कई सर्वे नंबरों में दर्ज है। ग्रामीणों का दावा है कि वे वर्षों से इस भूमि पर खेती करते आ रहे हैं और उनके पास राजस्व अभिलेखों में दर्ज वैध दस्तावेज भी मौजूद हैं। इसके बावजूद, वन विभाग ने पिछले एक वर्ष से उन्हें खेती करने से रोक दिया है। ग्रामीणों के अनुसार, उनके पास खेती के अलावा आजीविका का कोई अन्य साधन नहीं है और वे इसी भूमि पर झोपड़ी बनाकर गुजर-बसर करते हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस संबंध में 5 मार्च 2024 और 11 जून 2024 को भी श्योपुर में जनसुनवाई के दौरान आवेदन दिए गए थे, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। खेती का मौसम शुरू हो चुका है, लेकिन उनकी भूमि बंजर पड़ी है, जिससे परिवारों के सामने जीविकोपार्जन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र भूमि विवाद का निराकरण कर खेती की अनुमति देने की अपील की है।


