बैतूल में एक नवविवाहिता ने ससुराल वालों पर दहेज की मांग को लेकर मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़िता बुधवार को अपने मायके वालों के साथ एसपी कार्यालय पहुंची। यहां उन्होंने एएसपी से शिकायत की है। पीड़िता के पिता ने बेटी के ससुराल वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की मांग की है। कंपनी गार्डन निवासी सैय्यद सिकंदर अली के मुताबिक उन्होंने बेटी सबा अली का निकाह शोएब अली के साथ 19 मई 2024 को किया था। उन्होंने कहा कि शादी के बाद से ही मेरी बेटी सबा अली को उसके ससुराल में पति, सास, ससुर और उसके देवर दहेज लेने की मंशा से मारपीट करते थे। बेटी ने बहुत समय तक सारी बातें मुझसे छुपाई। जान बचने भागी तो छत से गिरी, 8 हड्डियां टूटी सिकंदर ने बताया कि एक दिन दामाद शोएब का फोन आया की अपनी बेटी सबा अली और तेरे दिए हुए दहेज को लेकर जाओ। मुझे नहीं रखना तेरी बेटी को। मैंने इस बात की खबर मेरी बेटी के नंदोई पप्पू को की। तब पप्पू ने कहा की मैं शोएब के घर जा रहा हूं आप भी वहा पहुंच जाओ। जब मैं और मेरी बीवी मेरे दामाद शोएब के घर पहुंचे तब मैंने देखा कि मेरा दामाद शोएब और मेरी बेटी की सास हनीफा अली उसे मार रही थी। उन्होंने आगे कहा कि मेरी बेटी का नंदोई पप्पू मेरी बेटी को बचा रहा था। मेरी बेटी ने मुझे बताया की शोएब और उसकी मां हनीफा ने उसे जान से मारने की मंशा से जबरदस्ती फिनाईल पिलाया है। जब मेरी बेटी जान बचाकर छत की तरफ भागी तो उसके ससुराल वाले उसका पीछा करते हुए छत पर पहुंचे। जान बचाने की कोशिश में सबा सबा दो मंजिला छत से नीचे जमीन पर गिर गई। मेरी बेटी को जान से मारने की मंशा से उसके ससुराल वालों ने उसे दो मंजिला छत से नीचे फेंक दिया। मेरी बेटी सबा इस घटना के दिन 4 महीने गर्भवती थी। सबा की 8 से ज्यादा हड्डी टूटी है। उसके सर पर भी गहरी चोट आई है। उसके दोनों हाथ, कमर और जांघ की हड्डी भी टूटी हुई है। अब उसका इलाज भी नहीं करवा रहे है। इलाज के बहाने करवा दिया गर्भपात सिकंदर का आरोप है कि दामाद शोएब और उसके परिवार ने कहा कि वो सबा का इलाज करवाकर उसे अच्छे से अपने घर रखेंगे और अब आगे उसे कभी परेशान नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि वह उनकी बातों में आ गया और इसी कारण मैंने पुलिस में यह घटना की कोई शिकायत नहीं दर्ज करवाई, लेकिन मेरे दामाद शोएब ने मेरी बेटी सबा का इलाज भी नहीं करवाया और इलाज करवाने के बहाने उसका करुणा हॉस्पिटल में जबरदस्ती गर्भपात भी करवा दिया। चलने से लाचार हुई सबा, एएसपी ने जांच सौंपी इस घटना के बाद से सबा पिछले तीन माह से हॉस्पिटल में थी। आज उसे परिजन ऑटो में बैठाकर एसपी कार्यालय पहुंचे जहां एएसपी कमला जोशी ने खुद अपने चैंबर से निकलकर पीड़िता का हाल जाना। उन्होंने बताया कि शिकायत के आधार पर कोतवाली की महिला डेस्क को इस मामले की जांच सौंपी गई है। इस पर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।


