छात्रों को मानव–वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन के बारे में बताया:बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने वन्य-प्राणी संरक्षण सप्ताह मनाया

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने 1 से 7 अक्टूबर तक वन्य-प्राणी संरक्षण सप्ताह मनाया। इस दौरान ताला, कल्लवाह, मगधी, खितौली, पतौर, पनपथा कोर, मानपुर, पनपथा और धमोखर परिक्षेत्रों में विभिन्न जागरूकता और शिक्षात्मक कार्यक्रम किए। सप्ताह का शुभारंभ 1 अक्टूबर को हुआ, जब कोर एरिया के प्रवेश द्वारों से आने वाले पहले पर्यटकों का स्वागत टोपी भेंट कर किया गया। पर्यटकों को वन्यजीव संरक्षण और वनों में वन्य प्राणियों के महत्व का संदेश दिया गया। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर सभी रेंजों में “स्वच्छ वन-सुरक्षित वन्यजीव” थीम पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। इसके तहत पार्क परिसर, विद्यालयों और ग्रामों की सफाई की गई।3 अक्टूबर को सभी परिक्षेत्रों में वनकर्मी प्रशिक्षण सत्र और ग्राम ईको-विकास समितियों (EDC) की बैठकें हुईं। इनमें मानव–वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन और आपातकालीन बचाव उपायों पर चर्चा की गई। ग्रामीणों को जंगल जाते समय सतर्क रहने, झाड़ियों और शिकार स्थलों के नजदीक न जाने तथा जंगली हाथियों से दूरी बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया। 4 से 6 अक्टूबर के बीच विद्यालय-स्तरीय प्रतियोगिताएं की गईं। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के लगभग 22 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने चित्रकला, निबंध और वन्यजीव क्विज़ प्रतियोगिताओं में भाग लिया। विजेता विद्यार्थियों को परिक्षेत्र स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार दिए गए। विभिन्न ग्रामों के विद्यालयों के विजेता विद्यार्थियों को विशेष वाहन द्वारा ताला ईको-सेंटर लाया गया। यहां उन्हें वन्यजीव संरक्षण पर आधारित डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई और एक क्विज़ प्रतियोगिता की गई। कार्यक्रम में क्षेत्र संचालक द्वारा विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाण पत्र वितरित किए गए। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि इस वर्ष “मानव–वन्यजीव सह-अस्तित्व” थीम पर कार्यक्रम किए गए। उन्होंने कहा कि बांधवगढ़ प्रबंधन ने विद्यालयों के विद्यार्थियों, ईको-विकास समितियों के सदस्यों और ग्रामीणजनों को जोड़ते हुए सह अस्तित्व एवं संरक्षण जागरूकता का व्यापक अभियान चलाया।

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